मुंबई बीच पर वायरल ‘दुख सुनने’ का अनोखा बिजनेस: मामूली परेशानी के 250, साथ रोने के 1000 रुपये!
मुंबई: जो काम ज्यादातर लोग अपने यार-दोस्तों के लिए फ्री में कर देते हैं—दूसरों का दुख सुनना—उसके भी अब पैसे मिल सकते हैं, ऐसा एहसास लोगों को अब हो रहा है। इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मुंबई के एक शख्स पृथ्वीराज बोहरा हाथ में रेट कार्ड वाला बैनर थामे नजर आ रहे हैं। इस बैनर पर उन्होंने छोटे-बड़े दुखों के हिसाब से अपनी फीस तय की है, जो सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा का विषय बन गया है।
वीडियो में पृथ्वीराज बोहरा (जिन्हें प्रिथ्वी राज बोहरा भी कहा जा रहा है) जूहू बीच पर बैठे या खड़े दिख रहे हैं। उनके पास एक बड़ा बैनर है, जिस पर लिखा है: “अगर किसी को अपना दुख सुनाना है, तो मैं सुन सकता हूं।” बैनर पर उनका संपर्क नंबर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब हैंडल भी दिए गए हैं, साथ ही मिलने का समय—सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक।
रेट कार्ड इस प्रकार है:
- मामूली दुख (छोटी परेशानी) सुनने के लिए: ₹250
- बड़ा दुख (गंभीर समस्या) सुनने के लिए: ₹500
- साथ में बैठकर रोने के लिए: ₹1000
वीडियो में जब उनसे पूछा जाता है कि क्या लोग सच में पैसे देकर आते हैं, तो वे आत्मविश्वास से जवाब देते हैं— “हां, लोग आते हैं।” यह अनोखा ‘स्टार्टअप’ या सर्विस लोगों की भावनात्मक जरूरतों को लक्ष्य करके बनाई गई लगती है, खासकर शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां कई लोग अकेलापन महसूस करते हैं।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखकर लोग हैरान हैं—कुछ इसे क्रिएटिव बिजनेस आइडिया मान रहे हैं, तो कुछ इसे मजाकिया या विचारणीय बता रहे हैं। यह वायरल क्लिप विभिन्न न्यूज पोर्टल्स और इंस्टाग्राम रील्स पर लाखों व्यूज पा चुकी है, और अब यह ट्रेंड बन गया है।
यह घटना मानसिक स्वास्थ्य, अकेलेपन और अनोखे बिजनेस आइडियाज पर भी बहस छेड़ रही है। क्या आप ऐसे सर्विस के लिए पैसे देंगे?










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