नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने कन्फर्म टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इन नए नियमों का मकसद ब्लैक-मार्केटिंग को रोकना और यात्रियों को बेहतर प्लानिंग के लिए प्रोत्साहित करना है। अब कन्फर्म टिकट रद्द करने पर रिफंड सिर्फ तय समय-सीमा में ही मिलेगा, खासकर प्रीमियम ट्रेनों जैसे वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत एक्सप्रेस में आखिरी 8 घंटे में कैंसिलेशन पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा।

नए नियमों के अनुसार कन्फर्म टिकट कैंसिलेशन पर रिफंड (सामान्य ट्रेनों के लिए अपडेटेड स्ट्रक्चर):
- ट्रेन प्रस्थान से 72 घंटे से ज्यादा पहले: सिर्फ न्यूनतम फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज (क्लास के अनुसार ₹60 से ₹240 + GST प्रति यात्री) कटेगा, बाकी पूरा रिफंड।
- 72 घंटे से 24 घंटे पहले: किराए का 25% कटौती (न्यूनतम चार्ज के अधीन)।
- 24 घंटे से 8 घंटे पहले: किराए का 50% कटौती (न्यूनतम चार्ज के अधीन)।
- 8 घंटे से कम समय बाकी: कोई रिफंड नहीं (जीरो रिफंड)।
प्रीमियम सेवाओं (वंदे भारत स्लीपर, अमृत भारत-II) में यह 8 घंटे का नियम और सख्त है। तत्काल कन्फर्म टिकट पर पहले की तरह कोई रिफंड नहीं मिलता।
खास बातें:
- रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, अप्रैल 2026 से ये नियम लागू होने जा रहे हैं। साथ ही बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा भी दी गई है (30 मिनट पहले तक)।
- अगर ट्रेन कैंसिल हो या 3 घंटे से ज्यादा लेट हो, तो TDR फाइल करके पूरा रिफंड मिल सकता है।
- RAC/वेटिंग टिकट पर 30 मिनट पहले तक कैंसिल करने पर क्लर्केज चार्ज कटकर रिफंड।
ये बदलाव यात्री सुविधा बढ़ाने और अनावश्यक कैंसिलेशन कम करने के लिए किए गए हैं। यात्रा प्लान करने से पहले IRCTC ऐप या वेबसाइट पर नियम जरूर चेक करें।










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