मुरादाबाद: डीआईजी अशोक कुमार पर जानलेवा हमले में मंजूर अहमद समेत 16 दाेषियाें काे उम्रकैद, 300 की भीड़ ने किया था हमला।
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में 15 साल पुराने मैनाठेर कांड में तत्कालीन डीआईजी (तब एसएसपी) अशोक कुमार सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने शनिवार काे बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला जज-2 कृष्ण कुमार की अदालत ने शनिवार को मंजूर अहमद समेत 16 दोषियों को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 55,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
घटना क्या थी–मुरादाबाद जनपद के थाना मैनाठेर क्षेत्र के असालतनगर बघा गांव में 06 जुलाई 2011 को पुलिस एक आरोपित की तलाश में दबिश देने पहुंची थी। दबिश के दौरान मजहबी पुस्तक के अपमान का आरोप लगाते हुए लोगों ने विरोध शुरू कर दिया था। देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया।भीड़ ने मुरादाबाद-संभल रोड पर तीन स्थानों पर जाम लगाते हुए मैनाठेर थाने और डींगरपुर पुलिस चौकी में आग लगा दी थी।
भीड़ ने बोला था हमला……
वर्ष 2011 में मुरादाबाद के मैनाठेर इलाके में एक विवाद के बाद सैकड़ों की भीड़ (लगभग 300 लोग) ने हिंसा भड़काई। भीड़ ने पुलिस चौकी पर हमला किया, वाहनों में आग लगाई और हथियार छीन लिए। जब डीआईजी अशोक कुमार सिंह शांति बहाल करने पहुंचे तो भीड़ ने उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया। वे गंभीर रूप से घायल हुए—उनके हाथ, कंधे और पसलियों में कई फ्रैक्चर आए, माथे पर 20 टांके लगे। उन्हें पेट्रोल पंप के टॉयलेट में शरण लेनी पड़ी, लेकिन भीड़ ने दरवाजा तोड़कर हमला जारी रखा।
मामले में डीआईजी के पीआरओ रवि कुमार की तहरीर पर 33 नामजद और करीब 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के बाद 25 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिनमें से 6 आरोपित नाबालिग होने के कारण उनकी फाइल किशोर न्यायालय भेज दी गई थी। सुनवाई के दौरान तीन आरोपितों की मौत हो चुकी है।.
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मंजूर अहमद, मोहम्मद अली, हाशिम, मोहम्मद कमरुल, मोहम्मद मुजीब, मोहम्मद यूनुस, रिजवान, अम्बरीश और अन्य नामित आरोपियों ने मिलकर यह हमला किया। गत 23 मार्च को अदालत ने सभी 16 आरोपितों को दोषी ठहराया था। सजा सुनाए जाने के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।……
इन्हें मिली है उम्रकैद: डीआईजी पर हमले में दोषी ठहराए गए मंजूर अहमद निवासी डींगरपुर, मो. अली, हाशिम निवासी ललवारा थाना मैनाठेर, मो. कमरुल, मो.मुजीफ निवासी मसेबी रसूलपुर थाना मैनाठेर, मो.यूनुस, अम्बरीश निवासी शाहपुर चामरान, कासिम निवासी परियावली थाना असमोली जिला संभल, मो.मोबीन उर्फ मोहम्मद मोहसिन निवासी बरखेड़ा थाना डिडौली जिला अमरोहा, मो. मुजीब, तहजीब आलम निवासी असदपुर थाना मैनाठेर, जाने आलम निवासी मिलक नवाब मैनाठेर, मो. निवासी असदपुर मैनाठेर और मैनाठेर के लालपुर निवासी रिजवान और ताहरपुर निवासीमो. फिरोज को शनिवार काे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
फैसले पर प्रतिक्रिया
कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। कुछ आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 नाबालिगों का मामला किशोर न्यायालय में लंबित है। यह फैसला 15 साल बाद आया है और इसे कानून का अंतिम फैसला माना जा रहा है।
यह घटना उस समय पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बनी थी। अब न्याय की जीत से पुलिस महकमे में राहत की लहर है।










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