बेंगलुरु के पास चन्नापटना के रायरा डोड्डी गांव में भावुक विदाई: बंदर ने ‘अम्मा’ के शव से गले लगकर जताया शोक
बेंगलुरु के निकट चन्नापटना तालुक के रायरा डोड्डी गांव में एक मार्मिक घटना ने सोशल मीडिया पर लोगों की आँखें नम कर दी है। 85 वर्षीय पार्वतम्मा (जिन्हें स्थानीय लोग प्यार से ‘अम्मा’ या ‘पार्वती अम्मा’ कहते थे) का उम्र संबंधी बीमारी के कारण निधन हो गया। वे एक रिटायर्ड अधिकारी की विधवा थीं और अपनी पेंशन का बड़ा हिस्सा (75% से अधिक) गांव के आसपास आने वाले बंदरों को भोजन कराने में खर्च करती थीं।
https://x.com/BareillyLive/status/2039769678944591977
पार्वतम्मा कई वर्षों से नियमित रूप से अपने घर के पास आने वाले बंदरों को खाना खिलाती थीं। जबकि कई लोग बंदरों को परेशानी मानते थे, अम्मा उन्हें अपने बच्चों की तरह दुलारतीं और प्यार से खाना डालतीं। उनकी इस निस्वार्थ ममता ने जानवरों के साथ एक गहरा भावनात्मक रिश्ता बना दिया था।
उनके निधन के बाद जब शव घर में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, तो उनमें से एक बंदर वहाँ पहुँचा। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बंदर अम्मा के शव के पास आया, उनके सिर के पास बैठा, सिर को अपने सिर से सटाया और गले लगा लिया। ऐसा लगा जैसे वह रो रहा हो और अपनी ‘माँ’ को अंतिम विदाई दे रहा हो। बंदर काफी देर तक शव के पास बैठा रहा और वहाँ से हटने का नाम नहीं ले रहा था।
लोगों का कहना है कि यह दृश्य इंसान और जानवर के बीच निस्वार्थ प्रेम व कृतज्ञता की दुर्लभ मिसाल है। कई ने इसे “वानरराज का संवेदना व्यक्त करना” या “बालाजी का सेवक भेजना” करार दिया। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर भावुक प्रतिक्रियाएँ आईं और लोगों ने अम्मा की दया और बंदर की वफादारी की सराहना की।










Leave a Reply