बरेली में हर रविवार बीइंग स्पिरिचुअल फाउंडेशन का विशेष कैंप, प्राकृतिक एवं वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति से उपचार का दावा
बरेली@bareillylive:बरेली। भागदौड़ भरी जिंदगी, बदलती जीवनशैली और अनियमित खान-पान के बीच माइग्रेन, एंग्जायटी, डिप्रेशन, शुगर, हाई ब्लड प्रेशर और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए बरेली में बीइंग स्पिरिचुअल फाउंडेशन की ओर से प्रत्येक रविवार विशेष कंबल थेरेपी कैंप आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, कैंप में बिना नकद शुल्क के प्राकृतिक एवं वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लोगों को थेरेपी दी जाती है।
फाउंडेशन के मीडिया प्रभारी आशीष कुमार जौहरी ने बताया कि कैंप में ऐसे लोग भी पहुंच रहे हैं, जो अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज पर पहले ही काफी धनराशि खर्च कर चुके हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी। उनके अनुसार, कुछ लोगों ने कंबल थेरेपी लेने के बाद स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव और मानसिक शांति महसूस होने की बात कही है।
डीप प्रेशर स्टिमुलेशन पर आधारित होने का दावा
बीइंग स्पिरिचुअल फाउंडेशन के संस्थापक एवं आध्यात्मिक गुरु डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कंबल थेरेपी ‘डीप प्रेशर स्टिमुलेशन’ (Deep Pressure Stimulation) के सिद्धांत पर आधारित है। उनके अनुसार, शरीर पर नियंत्रित दबाव से तनाव कम करने, नींद में सुधार और मानसिक शांति में मदद मिल सकती है।
आयोजकों का दावा है कि यह पद्धति तनाव, अनिद्रा, माइग्रेन और दुर्घटना के बाद होने वाले दर्द जैसी स्थितियों में लोगों को राहत देने में सहायक हो सकती है। हालांकि, किसी भी बीमारी के उपचार के लिए इसे चिकित्सकीय उपचार का विकल्प मानने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है।
थेरेपी के बाद शांति और हल्केपन का अनुभव
कैंप में पहुंचे लोगों ने थेरेपी के दौरान गहरी शांति और शरीर में हल्केपन का अनुभव होने की बात कही। आयोजकों के मुताबिक, लंबे समय से दर्द और मानसिक तनाव से परेशान कुछ लोगों ने भी थेरेपी के बाद राहत महसूस करने की जानकारी दी।
फाउंडेशन का कहना है कि कैंप का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक वैकल्पिक चिकित्सा सेवाओं को पहुंचाना है। कैंप में लोगों की भागीदारी को आयोजक प्राकृतिक और वैकल्पिक उपचार पद्धतियों के प्रति बढ़ती रुचि के रूप में देख रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार, आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार अन्य क्षेत्रों में भी करने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह पहल पहुंचाई जा सके।






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