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कौन हैं नए IAF Chief आशुतोष दीक्षित?  जानें कारगिल से ऑपरेशन सिंदूर तक का सफर

कारगिल से ऑपरेशन सिंदूर तक... अब IAF की कमान संभालेंगे आशुतोष दीक्षित, जानिए पूरी प्रोफाइल

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना को नया प्रमुख मिल गया है। एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायुसेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया गया है। वह 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर एयर चीफ मार्शल का पदभार संभालेंगे। इसके साथ ही वह भारतीय वायुसेना के 29वें Chief of the Air Staff (CAS) बन जाएंगे।

आशुतोष दीक्षित फिलहाल Vice Chief of the Air Staff के पद पर तैनात हैं। उन्होंने 1 जुलाई 2026 को यह जिम्मेदारी संभाली थी। करीब चार दशक के सैन्य करियर में वह ऑपरेशनल कमांड, फाइटर स्क्वाड्रन, फ्रंटलाइन एयरबेस और वायुसेना मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

कौन हैं एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित? जानिए नए IAF Chief की पूरी प्रोफाइल

आशुतोष दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। करीब 40 साल के अपने सैन्य करियर में उन्होंने लड़ाकू विमानों के साथ-साथ ट्रेनर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट पर भी उड़ान भरी है।

वह Experimental Test Pilot और Qualified Flying Instructor हैं। उनके पास अलग-अलग प्रकार के विमानों पर 3,500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है।

Mirage-2000 से Tejas तक, कई प्रमुख विमानों पर भरी उड़ान

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का फ्लाइंग अनुभव काफी व्यापक है। उन्होंने Mirage-2000, MiG के विभिन्न वेरिएंट, Jaguar, Tejas, Hawk, IL-78, An-32, Kiran, HPT-32 और Avro समेत कई विमानों पर उड़ान भरी है।

उनका यह अनुभव उन्हें भारतीय वायुसेना के उन वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल करता है, जिनके पास फाइटर, ट्रेनर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का व्यापक ऑपरेशनल अनुभव है।

Mirage-2000 स्क्वाड्रन की भी संभाली कमान

अपने करियर के दौरान एयर मार्शल दीक्षित ने नंबर 9 स्क्वाड्रन को Mirage-2000 से री-इक्विप करने में अहम भूमिका निभाई और इसकी कमान भी संभाली।

इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी सेक्टर के एक फ्रंटलाइन फाइटर एयरबेस और दक्षिणी सेक्टर के एक प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान संभाली।

कारगिल युद्ध से ऑपरेशन सिंदूर तक, ऑपरेशनल अनुभव भी लंबा

आशुतोष दीक्षित का करियर सिर्फ स्टाफ और प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने भारतीय वायुसेना के कई महत्वपूर्ण ऑपरेशंस और सैन्य अभ्यासों में भूमिका निभाई है।

उनके करियर में ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक, Cope India और ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण ऑपरेशंस एवं सैन्य अभ्यास शामिल हैं।

कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी घुसपैठियों के खिलाफ हवाई अभियान चलाया था। दीक्षित के करियर में इस ऑपरेशन का अनुभव भी महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है।

वायुसेना में निभाईं कई बड़ी जिम्मेदारियां

एयर मार्शल दीक्षित ने भारतीय वायुसेना में कमांड के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण स्टाफ नियुक्तियों पर भी काम किया है।

वह Air Force Test Pilot School में Directing Staff रह चुके हैं। इसके अलावा एयर मुख्यालय में उन्होंने Principal Director Air Staff Requirement, Assistant Chief of Air Staff (Projects) और Assistant Chief of Air Staff (Plans) जैसी जिम्मेदारियां संभाली हैं।

वह Southern Air Command में Air Defence Commander और South Western Air Command में Senior Air Staff Officer भी रह चुके हैं।

Vice Chief से अब IAF Chief तक का सफर

आशुतोष दीक्षित ने 1 जुलाई 2026 को Vice Chief of the Air Staff का पद संभाला था। इससे पहले वह Air Officer Commanding-in-Chief, Central Air Command की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

इसके अलावा वह Chief of Integrated Defence Staff to the Chairman, Chiefs of Staff Committee के पद पर भी कार्य कर चुके हैं।

अब उनके अनुभव और वरिष्ठता को देखते हुए उन्हें भारतीय वायुसेना की सर्वोच्च पेशेवर कमान सौंपी गई है।

स्वदेशी रक्षा तकनीक और Tejas प्रोजेक्ट में भी भूमिका

आशुतोष दीक्षित का अनुभव केवल ऑपरेशनल फ्लाइंग तक सीमित नहीं है। उन्होंने भारतीय वायुसेना की जरूरतों से जुड़े प्रोजेक्ट्स और स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को आगे बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया है।

LCA Tejas समेत स्वदेशी एयरक्राफ्ट प्रोग्राम से जुड़े मामलों में उनका अनुभव ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब भारतीय वायुसेना अपने बेड़े के आधुनिकीकरण और स्वदेशी प्लेटफॉर्म्स को बढ़ाने पर जोर दे रही है।

वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए मिल चुके हैं बड़े सम्मान

लंबे सैन्य करियर के दौरान एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान मिले हैं।

उन्हें वायु सेना मेडल (2006), विशिष्ट सेवा मेडल (2011), अति विशिष्ट सेवा मेडल (2023) और परम विशिष्ट सेवा मेडल (2026) से सम्मानित किया गया है।

NDA से National Defence College तक की पढ़ाई

आशुतोष दीक्षित ने National Defence Academy (NDA) से प्रशिक्षण लिया है। वह Defence Services Staff College, Bangladesh और National Defence College के भी पूर्व छात्र हैं।

उनकी पेशेवर ट्रेनिंग और लंबे ऑपरेशनल अनुभव ने उन्हें भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

31 अक्टूबर को संभालेंगे IAF Chief की कमान

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर एयर चीफ मार्शल के रूप में कार्यभार संभालेंगे। वह मौजूदा एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का स्थान लेंगे।

अमर प्रीत सिंह ने 30 सितंबर 2024 को भारतीय वायुसेना प्रमुख का पद संभाला था और 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त होंगे।

नए IAF Chief के सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां

पद संभालने के बाद आशुतोष दीक्षित के सामने भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता को और मजबूत करने के साथ-साथ कई अहम चुनौतियां होंगी। इनमें:

  • लड़ाकू विमानों के बेड़े का आधुनिकीकरण
  • स्वदेशी रक्षा तकनीक और LCA Tejas को बढ़ावा देना
  • ड्रोन और मानवरहित प्रणालियों की बढ़ती भूमिका
  • एयर डिफेंस क्षमता को मजबूत करना
  • तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त ऑपरेशंस को बेहतर बनाना
  • भविष्य के युद्ध के लिए नेटवर्क-सेंट्रिक और तकनीक आधारित क्षमता विकसित करना

जैसी प्राथमिकताएं अहम रहेंगी।

3500+ घंटे की उड़ान से IAF Chief तक—आशुतोष दीक्षित का लंबा सफर

एक फाइटर पायलट के रूप में भारतीय वायुसेना में शुरुआत करने वाले आशुतोष दीक्षित ने करीब चार दशक के करियर में फाइटर स्क्वाड्रन से लेकर शीर्ष कमांड पदों तक का सफर तय किया है।

3,500 घंटे से अधिक की उड़ान, टेस्ट पायलट का अनुभव, Mirage-2000 और Tejas जैसे विमानों की जानकारी और कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल एवं कमांड जिम्मेदारियों के साथ अब वह भारतीय वायुसेना की कमान संभालने जा रहे हैं।

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