नैनीताल: उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बड़ा प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके जरिए प्रशासन को श्रद्धालुओं की संख्या और क्षेत्र में उपलब्ध ठहरने की क्षमता का बेहतर आकलन करने में मदद मिलेगी।
रोजाना 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं की हो सकती है सीमा
प्रशासन के स्तर पर इस बात पर विचार किया जा रहा है कि कैंची धाम में रोजाना आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को सीमित किया जाए। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 20 हजार से 25 हजार श्रद्धालुओं की दैनिक सीमा तय किए जाने पर विचार हो रहा है।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और प्री-बुकिंग की व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या को पहले से नियंत्रित किया जा सकेगा। हालांकि, इसे लेकर अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है।
वैष्णो देवी और चारधाम यात्रा की तर्ज पर बन सकता है पोर्टल
प्रशासन कैंची धाम के लिए वैष्णो देवी और चारधाम यात्रा की तर्ज पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू करने की तैयारी में है। प्रस्तावित पोर्टल के जरिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों का रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।
कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद नैनीताल जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासन स्तर से मंजूरी मिलने के बाद रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को अनिवार्य किए जाने की संभावना है।
तीन दिन में पहुंचे 1.30 लाख लोग, वीकेंड पर भी भारी भीड़
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मेले के दौरान महज तीन दिनों में करीब 1.30 लाख श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचे। वहीं सामान्य वीकेंड पर भी 21 हजार से 25 हजार तक श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
बीते वीकेंड करीब 40 हजार लोगों के पहुंचने की बात सामने आने के बाद प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है। जून के बाद से कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है।
प्रशासन का मानना है कि मंदिर और आसपास का क्षेत्र इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिहाज से पूरी तरह तैयार नहीं है। ऐसे में भीड़ नियंत्रण के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।
15 दिन में बदलेगी एंट्री और एग्जिट व्यवस्था
कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को 15 दिन के भीतर कैंची धाम में एंट्री और एग्जिट की बेहतर व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
वीकेंड पर भीड़ बढ़ने की स्थिति में मंदिर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही नो-एंट्री और वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
नैनीताल, भीमताल और मुक्तेश्वर में करीब 20 हजार बेड
बैठक में कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की क्षमता पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों के मुताबिक नैनीताल, भीमताल और मुक्तेश्वर क्षेत्र में करीब 20 हजार बेड उपलब्ध हैं। इसके अलावा क्षेत्र में लगभग 1,019 होमस्टे भी संचालित हैं।
रजिस्ट्रेशन पोर्टल के जरिए श्रद्धालुओं की संख्या और उपलब्ध आवासीय क्षमता के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश की जाएगी।
वीकेंड पर मैदान में रहेंगे अधिकारी, बढ़ेगी निगरानी
कमिश्नर ने वीकेंड के दौरान कैंची धाम में तैनात पुलिस बल और व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि एसडीएम, सीओ और आरटीओ वीकेंड पर मौके पर रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें।
भीमताल, विकास भवन, भवाली और मस्जिद तिराहे पर वीकेंड के दौरान आरटीओ की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को वीकेंड के दौरान बैठक कर व्यवस्थाओं की रिपोर्ट भी पेश करनी होगी।
टैक्सी बाइक और ट्रैफिक पर भी प्रशासन की सख्ती
बैठक में टैक्सी बाइक के अनियंत्रित संचालन को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। कमिश्नर ने आरटीओ और पुलिस को नियमों का उल्लंघन करने वाले टैक्सी बाइक और अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जरूरत पड़ने पर नियम तोड़ने वाले वाहनों को सीज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। कैंची धाम और आसपास के प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों की कवरेज बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
भारी वाहनों की रात में आवाजाही पर विचार
भीड़ और यातायात दबाव को कम करने के लिए बैठक में कई विकल्पों पर चर्चा हुई। इनमें वाहनों की संख्या नियंत्रित करना, दोपहिया वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करना और भारी वाहनों को रात के समय संचालित करने जैसे विकल्प शामिल हैं।
भीड़ के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए हेली एंबुलेंस की व्यवस्था किए जाने की मांग भी बैठक में उठी।
ओवररेटिंग और टॉयलेट शुल्क की शिकायतों पर जांच के निर्देश
कैंची धाम क्षेत्र में खाने-पीने की वस्तुओं की कथित ओवररेटिंग और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। बैठक में टॉयलेट जैसी सुविधाओं के लिए 500 रुपये तक लिए जाने की शिकायत पर भी चर्चा हुई।
कुमाऊं आयुक्त ने जिलाधिकारी को क्षेत्र में औचक निरीक्षण कराने और शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही हर जरूरी वस्तु और सेवा के रेट निर्धारित करने पर जोर दिया गया।
शिप्रा नदी में नहाने पर रोक, सुरक्षा के लिए वन विभाग की टीम
कैंची धाम के पास शिप्रा नदी में नहाने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा का मुद्दा भी बैठक में उठा। नदी में हादसों की आशंका को देखते हुए वन विभाग की टीम तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को नदी में नहाने से रोका जा सके।
फर्जी कैंची धाम वेबसाइटों पर होगी कार्रवाई
श्रद्धालुओं को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए कैंची धाम के नाम से संचालित फर्जी वेबसाइटों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठी। पुलिस को ऐसी वेबसाइटों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का मानना है कि रजिस्ट्रेशन पोर्टल शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं को आधिकारिक ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराना फर्जी वेबसाइटों से होने वाली ठगी को रोकने में भी मददगार हो सकता है।
कैंची धाम के लिए क्या-क्या बदलने वाला है?
- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल शुरू करने की तैयारी।
- रोजाना श्रद्धालुओं की संख्या सीमित करने पर विचार।
- 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं की संभावित दैनिक सीमा।
- 15 दिन में बेहतर एंट्री-एग्जिट व्यवस्था तैयार करने के निर्देश।
- वीकेंड पर वन-वे और नो-एंट्री व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर।
- प्रमुख स्थानों पर आरटीओ और पुलिस की तैनाती।
- सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने की योजना।
- ओवररेटिंग और सुविधाओं के शुल्क की जांच।
- शिप्रा नदी में नहाने पर रोक के लिए टीम की तैनाती।
- फर्जी वेबसाइटों के खिलाफ कार्रवाई।
अभी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हुआ है या नहीं?
फिलहाल इसे प्रस्तावित व्यवस्था के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासन रजिस्ट्रेशन पोर्टल शुरू करने की तैयारी कर रहा है। अंतिम निर्णय जिला प्रशासन और पुलिस की रिपोर्ट शासन को भेजे जाने तथा शासन स्तर से मंजूरी के बाद होगा। इसलिए श्रद्धालुओं को अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।










Leave a Reply