Bareillylive : रामपुर बाग स्थित केंद्र संख्या 282, इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी इन स्मॉल-स्केल डिप्लोमा कोर्स के एकीकरण संगीत एवं सांस्कृतिक अनुभाग के लघु सभागार में विगत दिनों से चल रहे “हिंदी पखवाड़ा” का समापन भव्य साहित्यिक गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन के साथ विधिवत् संपन्न हुआ।
साहित्यिक गोष्ठी में हिंदी को राजभाषा से राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाने की मांग भारत सरकार से की गई। साथ ही 150 वर्षों से राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं भाषा-साहित्य के संवर्धन में सक्रिय हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयागराज को पुनः प्रतिष्ठित करने तथा उसके द्वारा संचालित साहित्यिक परीक्षाओं की मान्यता और गुणवत्ता को और बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर संस्था द्वारा 2017 से अनवरत चलाई जा रही हिंदी साहित्य सम्मेलन की बी.ए. ऑनर्स हिंदी स्तर उत्तीर्ण परीक्षार्थियों—प्रदीप कुमार रावत, नीलिमा रावत, रोहित अग्रवाल, देवेंद्र कुमार रावत, राम बृज मौर्या, आशा अग्रवाल, प्रियंका शर्मा, गीतिमा तिवारी एवं बृजेश कुमार मिश्रा—को “साहित्य रत्न” उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मुख्य अतिथि, राजकीय इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य, साहित्य भूषण डॉ. सुरेश बाबू मिश्रा के कर-कमलों से प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का संयोजन केंद्र-व्यवस्थापक प्रदीप कुमार रावत एवं सहायक केंद्र-व्यवस्थापक देवेंद्र कुमार रावत ने किया। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि रणधीर प्रसाद गौड़ “धीर” ने की। विशिष्ट अतिथियों में रमेश गौतम, ज्ञान देवी “सत्यम्”, शिव रक्षा पांडेय एवं अरविंद आचार्य “हरिओम मंगलम” रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ आशु कवि डॉ. मुकेश “मीत” ने किया।
काव्य संध्या का शुभारंभ मां शारदे की मूर्ति पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं वाणी वंदना से हुआ। राष्ट्रीय संगीत विजेता बाल कलाकार आरोही रावत ने राग हमीर में मां शारदे की वंदना प्रस्तुत की। प्रथम सत्र में नगर के प्रमुख कवियों एवं साहित्यकारों को “विशिष्ट कवि” सम्मान दिया गया, जबकि उत्कृष्ट काव्य-पाठ के लिए डॉ. बृजेंद्र “अकिंचन”, डॉ. दीपक मुखर्जी “दीप”, डॉ. रामकुमार “अफरोज”, डॉ. प्रणव गौतम, डॉ. रामकुमार कोली, डॉ. राजकुमार राज, डॉ. मनोज दीक्षित “टिंकू”, डॉ. मनोज सक्सेना, डॉ. राजेश शर्मा ककरेली, डॉ. हरिकांत मिश्रा “चातक”, डॉ. मिलन कुमार “मिलन” एवं डॉ. रितेश साहिनी को प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र प्रदान किए गए।
द्वितीय सत्र में गणमान्य कवियों एवं साहित्यकारों ने अपनी काव्य रचनाओं के माध्यम से मातृभाषा हिंदी की महिमा का गुणगान किया। कार्यक्रम का समापन गीत वंदे मातरम् से हुआ, जिसे नीलिमा रावत ने राग देश में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर नगर के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






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