बर्तन बजाकर जताया विरोध, 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
बरेली@bareillylive:बरेली। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों का आंदोलन तेज हो गया है। नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर कर्मचारियों का धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में जारी रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने बर्तन बजाकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अपनी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की अपील की।
कर्मचारियों ने वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग उठाई। साथ ही, नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन की व्यवस्था लागू होने तक मौजूदा वेतन में तत्काल बढ़ोतरी किए जाने की मांग की।
10 लाख रुपये तक कैशलेस बीमा सहित कई मांगें
मनोज कुमार और अनुज मिश्रा की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में संविदा कर्मचारियों के लिए 10 लाख रुपये तक की फैमिली फ्लोटर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके अलावा महंगाई भत्ता (डीए), ईपीएफ में नियोक्ता का अंशदान, मकान किराया भत्ता (एचआरए) और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग भी शामिल है।
कर्मचारियों ने पद सृजित करने, स्थानांतरण नीति बहाल करने और सेवाकाल के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग उठाई है। आउटसोर्स कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने और नियमित भर्तियों में एनएचएम कर्मचारियों के लिए 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग भी की गई है।
15 से 18 वर्षों से दे रहे सेवाएं
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि एनएचएम के संविदा कर्मी पिछले 15 से 18 वर्षों से ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों सहित प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारियां निभाईं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं और लाभ नहीं मिल पा रहे हैं।
कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों का समाधान नहीं हुआ है। ऐसे में उन्हें अपने अधिकारों के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल
कर्मचारियों ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है। आंदोलन के तहत 5 से 7 अक्टूबर तक कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर विरोध जताया। इसके बाद 8, 9 और 10 अक्टूबर को कार्य बहिष्कार का कार्यक्रम घोषित किया गया है। वहीं, 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया गया है।
धरने में अनुज मिश्रा, डॉ. राहुल बाजपेई, डॉ. ऋषभ, अमरीश, मनोज, डॉ. अतुल शर्मा, कुमारी बिंदु शर्मा, पंकज सिंह, सुरेंद्र कुमार, सुनील चौबे और डॉ. मनमोहन सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।





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