नूर’ साहित्य संस्थान के आयोजन में बिखरे साहित्य के रंग, तीन पुस्तकों के लोकार्पण के साथ हुई भव्य काव्य संध्या

@bareillylive : कृष्ण बिहारी ‘नूर’ साहित्य संस्थान (ट्रस्ट) के तत्वावधान में रविवार को स्टेडियम रोड स्थित खुशहाल हॉस्पिटल के लोक खुशहाली सभागार में पुस्तक लोकार्पण समारोह एवं काव्य संध्या का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्य के विभिन्न रंग प्रस्तुत किए और श्रोताओं को काव्य तथा ग़ज़ल की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य श्री देवेंद्र देव जी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. विनोद पागरानी साहब उपस्थित रहे। समारोह में ‘मगर ख़ुशबू नई है’ (ग़ज़ल संग्रह), ‘डॉ. कृष्ण कुमार नाज़ की प्रतिनिधि ग़ज़लें’ तथा ‘हिंदी-ग़ज़ल में डॉ. कृष्ण कुमार ‘नाज़’ का प्रदेय’ पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। पुस्तकों के लोकार्पण के उपलक्ष्य में उपस्थित साहित्यकारों ने रचनाकार की प्रतिभा, उनकी भाषा-शैली और साहित्यिक योगदान पर विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम की विशेष आकर्षण काव्य संध्या रही, जिसमें आचार्य देवेंद्र देव जी, हिमांशु श्रोत्रिय ‘निष्पक्ष’, पीयूष गोयल ‘बेदिल’, कुमार कौशल, यूनुस चिश्ती, रामकुमार भारद्वाज ‘अफ़रोज़’, अनुराग मेहता ‘सुरूर’, अरविंद ‘आनंद’, ज्ञानेंद्र मोहन ज्ञान, इशरत सग़ीर, पीयूष शर्मा, जीतेश राज नक़्श, उमेश त्रिगुणायत ‘अद्भुत’, कुलदीप कल्प, नितिन प्रताप सिंह, देवव्रत त्रिपाठी तथा अभिषेक अनंत ने सहभागिता की। सभी कवियों ने हिंदी कविता एवं ग़ज़ल पाठ कर श्रोताओं का मनोरंजन किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत रचनाओं में मानवीय संवेदना, प्रेम, समाज, जीवन-दर्शन और साहित्यिक सौंदर्य के विविध आयाम देखने को मिले। कवियों की प्रस्तुतियों ने सभागार में उपस्थित साहित्य प्रेमियों को बांधे रखा और समय-समय पर तालियों से सराहना भी मिली। आयोजन ने साहित्यकारों को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए साझा मंच प्रदान किया तथा नए-पुराने रचनाकारों के बीच संवाद का अवसर सृजित किया।

पुस्तक लोकार्पण के साथ ही आयोजित काव्य संध्या ने यह संदेश भी दिया कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं, संस्कृति और चिंतन को आगे बढ़ाने वाला सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने संस्थान के इस प्रयास की सराहना की और ऐसे साहित्यिक आयोजनों को निरंतर आगे बढ़ाने का आग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों एवं कवियों को धन्यवाद दिया गया।

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