The Voice of Bareilly since 2010

यूपी चुनाव 2017: छठे और सातवें चरण की वोटिंग से पहले बुर्के पर सियासत

यूपी में बीजेपी ने छठे और सातवें चरण की वोटिंग से पहले चुनाव बीजेपी ने बुर्का पहनकर वोट डालने वाली महिलाओं पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी ने इस संबंध में चुनाव आयोग को खत लिखकर फर्जी वोटिंग का अंदेशा जताया है। पार्टी ने ऐसे वोटरों की सही तरीके से जांच कराने को कहा है। बीजेपी ने मांग की है कि आयोग को इसे संज्ञान में लेते हुए जांच के इंतजाम सख्त करने चाहिए और महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाए। ताकि बुर्काधारी वोटरों की पहचान की जा सके। आयोग को खत लिखकर बूथों पर महिला पुलिस अधिकारियों की तैनाती की मांग की है।

चुनाव आयोग को लिखे पत्र में बीजेपी ने कहा है कि अगले चरणों में बड़ी संख्या में बुर्काधारी वोटर मतदान करेंगे। ऐसे में फर्जी मतदान रोकने के लिए इनकी वोटर आईडी की पहचान जरूरी है।

इसके साथ बीजेपी ने अपने पत्र में पोलिंग बूथों पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की भी मांग की है। पार्टी की दलील है कि छठे और सातवें चरण के कुछ इलाके बेहद संवेदनशील हैं, ऐसे में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम जरूरी है।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जे.पी.एस. राठौर और प्रशासनिक कार्य प्रमुख कुलदीप पति त्रिपाठी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को कल भेजी गई शिकायत में कहा है कि कि विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में महिला मतदाता बुर्का पहनकर मतदान करने आती हैं। ऐसे में उनकी सही पहचान करने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती आवश्यक है जिससे ऐसे मतदाताओं के पहचान पत्र की ठीक ढंग से जांच हो सके और फर्जी मतदान की आशंका खत्म की जा सके।

भाजपा ने मऊ और बलिया के संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों की सूची संलग्न कर मांग की है कि इन क्षेत्रों में अद्र्घसैनिक बलों के बगैर निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है, लिहाजा चुनाव आयोग पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती करे।

ऑल इण्डिया मुस्लिम वूमेन पर्सनल ला बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अम्बर ने भाजपा की इस मांग की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह हिंदू मतों के ध्रुवीकरण की कोशिश है। इससे भाजपा की बीमार सोच दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की इस मांग से मुस्लिम महिलाएं जोखिम में आ गई हैं। कोई महिला चाहे बुरका पहने या घूंघट निकाले, किसी को भी यह हक नहीं कि उनके दिल और सम्मान को ठेस पहुंचाए।

ऑल इण्डिया शिया पर्सनल ला बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि जहां तक मैं समझता हूं तो यह मतों का ध्रुवीकरण करने के लिए किया गया है। बुर्के की तौहीन कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकेगी। हिंदू महिलाएं भी पल्लू ओढ़ती हैं, क्या मतदान केंद्र पर उनका चेहरा भी देखा जाएगा? औरत की इज्जत बुर्के में महफूज रहती है। बुर्के पर सियासत ना हो तो बेहतर है।

यूपी में पांच दौर का मतदान हो चुका है। दो दौर का मतदान 4 और 8 मार्च को होना है। इस दौर में पूर्वांचल का इलाका सभी दलों समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और बीजेपी के लिए बेहद अहम है। परंपरागत रूप से यहां सपा-बीएसपी के बीच जोर आजमाइश रहती है। फिलहाल सपा और बीजेपी के बीच तीखी जुबानी जंग चरम पर है। ऐसे में बीजेपी का नया कदम इस लड़ाई को और तीखा बना सकता है। सवाल उठेंगे कि आखिर दो दौर में उसे ये बात क्यों खटकी?

error: Content is protected !!