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अमानवीयताः पाठ याद न करने पर छात्र को घास खाने पर किया मजबूर

इस्लामाबाद। शिक्षक को मां-बाप के बाद सबसे बड़ा मार्गदर्शक कहा गया है। वैदिक धर्मग्रंथों में तो गुरु को भगवान से भी बड़ा दर्जा दिया गया है। लेकिन, यदि यही गुरु अमानवीयता की सभा हदें पार कर जाए तो इंसानियत का शर्मशार होना स्वाभाविक है। कुछ ऐसा ही हुआ पाकिस्तान में जहां एक अध्यापक ने छात्र को इसलिए घास खाने पर मजबूर किया क्योंकि वह अपना पाठ याद करके नहीं आया था।

पाकिस्तानी के प्रमुख अंग्रजी अखबार डॉन के अनुसार, यह मामला पंजाब सूबे के लोधरन के फतेहपुर स्कूल का है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वाइरल हुआ है जिसमें यह दिखाया जा रहा है कि सात साल के कशान को अपने सहपाठियों के सामने पाठ नहीं सुनाने पर घास खाने को मजबूर किया जा रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि कशान अपना पाठ याद नहीं कर पाता है और वह इसके बदले में घास खाता है। कशान को ऐसा करने के लिए उसका अध्यापक कहता है जिसकी पहचान हामिद रजा के रूप में हुई है।

कशान के पिता मोहम्मद असगर ने बताया कि यह मामला दो दिन पहले का है। उन्होंने कहा, “शिक्षक हमारे रिश्तेदार हैं और हमने उन्हें इसके लिए माफ कर दिया है क्योंकि उन्होंने इसे मजाक में किया था।“ हालांकि अधिकारी आरोपी शिक्षक को बख्शने के मूड में नहीं हैं। जिला पुलिस अधिकारी मलिक जमील जाफर ने मामले की जांच और शिक्षक के दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। मामले की शुरुआती जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने हामिद रजा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 

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