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“कोरोनिल” को लेकर पतंजलि को एक और झटका, हाई कोर्ट ने ट्रेडमार्क के इस्तेमाल पर लगाई रोक

चेन्नई। कोरोना वायरस (कोविड-19) के इलाज की दवा के रूप में पेश की गई “कोरोनिल” को लेकर योग गुरु रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को मद्रास हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड द्वारा ट्रेडमार्क “कोरोनिल” का इस्तेमाल किए जाने पर  रोक लगा दी है। पतंजलि द्वारा “कोरोनिल” पेश किए जाने के बाद आयुष मंत्रालय ने 1 जुलाई 2020 को कहा था कि कंपनी प्रतिरोधक वर्धक के रूप में यह दवा बेच सकती है न कि कोविड-19 के उपचार के लिए।

न्यायमूर्ति सीवी कार्तिकेयन ने चेन्नई की कंपनी अरुद्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड की अर्जी पर 30 जुलाई तक के लिए यह अंतरिम आदेश जारी किया। अरिद्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड ने कहा कि कोरोनिल 1993 से उसका ट्रेडमार्क है। कंपनी के अनुसार उसने 1993 में “कोरोनिल-213 एसपीएल” और “कोरोनिल-92बी” का पंजीकरण कराया था और वह तब से उसका नवीकरण करा रही है। यह कंपनी भारी मशीनों और निरुद्ध इकाइयों को साफ करने के लिए रसायन और सेनेटाइजर बनाती है। कंपनी ने कहा, “फिलहाल, इस ट्रेडमार्क पर 2027 तक हमारा अधिकार वैध है।”

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