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उत्तर प्रदेश : विवाह समारोह के लिए पुलिस या प्रशासनिक अनुमति की जरूरत नहीं

लखनऊ। (Revised Corona Guidelines Uttar Pradesh) उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण को काबू में करने के लिए लागू की गई बंदिशों के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार ने कुछ राहत दी है। आज गुरुवार को जारी नए दिशा-निर्देश में कहा गया है कि कहा गया है कि शादी के लिए पुलिस या प्रशासनिक अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं है। केवल सूचना देकर कोविड प्रोटोकाल और गाइडलाइंस के सभी निर्देशों का पालन करते हुए कोई भी विवाह समारोह का आयोजन कर सकता है। कहीं से भी पुलिस दुर्व्यवहार की शिकायत आई तो होगी सख़्त कार्रवाई होगी। इसके लिए अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी।

विवाह में बैंड बजाने और डीजे पर कोई रोक नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैवाहिक समारोह का आयोजन केवल सूचना देने के साथ कोविड प्रोटोकाल और गाइडलाइन के सभी निर्देशों का पालन करते हुए कर सकते है। इसमें भी शामिल होने वाले 100 लोगों की संख्या में बैंड पार्टी तथा डीजे के साथ ही काम करने वाले अन्य लोग शामिल नहीं है। 

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि विवाह की गाइडलाइन के नाम पर किसी का भी उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।  पुलिस और प्रशासन इसके लिए लोगो को जागरूक करें, गाइडलाइंस का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विवाह में बैंड बजाने और डीजे पर कोई रोक नहीं है। निर्धारित समय में इसे बजाने से रोकने वाले अधिकारियों व पुलिसकर्मियों पर कठोर एक्शन होगा। 

सूत्रों के अनुसार सरकार को आज नए दिशा-निर्देश इसलिए जारी करने पड़े क्योंकिकई जगहों पर विवाह समारोह में पुलिस और अन्य अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। मेरठ में शादी विवाह के लिए जारी गाइडलाइंस का पालन नहीं करने पर दूल्हा, दुल्हन के पिता और बैंक्विट हॉल के मालिक पर मुकदमा दर्ज किया गया था। बताया जा रहा है इस शादी में 350 से अधिक लोग जमा थे, जबकि 100 लोगों की अनुमति थी। पुलिस के मुताबिक, समारोह में तमाम लोगों ने मास्क नहीं लगा रखा था और सामाजिक दूरी का भी कोई पालन नहीं किया जा रहा था। आगरा और अलीगढ़ में भी बुधवार को विवाह समारोह के दौरान कड़ाई की शिकायतें आई थीं।

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