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उन्नाव में हैवानियत पर राजनीति गर्माई, धरने पर बैठे अखिलेश यादव

नई दिल्ली दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद उन्नाव में हुई हैवानियत पर राजनीति गर्मा गई है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश को योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमलावर हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव लखनऊ में विधानभवन के समक्ष धरने पर बैठ गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मुकदमे को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। 

उन्नाव दुष्‍कर्म पीड़िता ने शुक्रवार देर रात यहां सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। पीड़ि‍ता को लखनऊ से एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाया गया था। अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. शलभ कुमार ने बताया कि तमाम कोशिशों के बावजूद पीड़िता को बचाया नहीं जा सका।

विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार से जल्द इंसाफ दिए जाने की मांग की है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार को पीड़िता की मौत के लिए योगी सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। शनिवार को विधान भवन के सामने दो मिनट का मौन रख वह धरने पर बैठ गए हैं। अखिलेश यादव ने कहा है कि पीड़िता की मौत की जिम्मेदार योगी सरकार है। योगी राज में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। यह एक काला दिन है। इस सरकार में ऐसी घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी उन्नाव की बेटी ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की थी। इसके बाद एफआईआर दर्ज की गई थी। बाराबंकी की बेटी ने भी इसी मुख्यमंत्री आवास के बाहर आग लगाई थी। वह बच नहीं पाई। एक पीड़िता ने तो पूरा परिवार खो दिया। इसी विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा था कि अपराधियों को ठोक देंगे लेकिन वह एक बेटी की जान नहीं बचा सके।

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा है कि केंद्र सरकार ऐसी घटनाओं के दोषियों को निर्धारित समय के भीतर फांसी की सख्त सजा दिलाने का कानून बनाए। राज्य सरकारों को चाहिए कि वे लोगों में कानून का खौफ पैदा करें। दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि सरकार बहरी और असंवेदनशील हो गई है। दुष्‍कर्म पीड़िताओं ‘की चीखें उसे सुनाई नहीं देती हैं।

कांग्रेस की प्रभारी महासचिव प्रियंका वाड्रा ने दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद राज्य सरकार से कई सवाल किये हैं। उन्होंने ट्वीट कर पूछा है कि उन्नाव की पिछली घटना को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तत्काल पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं दी? जिस अधिकारी ने उसका एफआइआर दर्ज करने से मना किया उस पर क्या कार्रवाई हुई? उप्र में रोज-रोज महिलाओं पर जो अत्याचार हो रहा है, उसको रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है?

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव की घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और बालिका की मृत्यु को अति दुखद बताया है। उन्होंने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सभी आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवार को विश्वास दिलाते हैं कि हम दोषियों को नहीं बख्शेंगे, उन्हें जल्द से जल्द सजा दिलवाएंगे।

पीड़िता के भाई ने कहा है कि उसकी बहन को तभी न्याय मिलेगा जब उसके साथ क्रूरता करने वाले उन सभी आरोपियों का भी वही हश्र हो जो उसकी बहन ने झेला है। उसने कहा, “मैं बहुत दुखी हूं कि उसे बचा नहीं सका। आरोपितों को या तो एनकाउंटर कर दिया जाए या फांसी पर लटकाया जाए। ऐसे हैवानों को जीने का कोई हक नहीं है। उसने कहा, “आरोपितों ने तो पहले ही उसे जला दिया है, अब हम उसके शव को दफनाएंगे।”

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