प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में ‘सेवा तीर्थ’ कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया, जिसके साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का पता बदल गया है। यह नया परिसर अब देश के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र का नया घर बन गया है, जहां से प्रधानमंत्री अपना कार्यालय संचालित करेंगे।
सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय भी शिफ्ट हो गए हैं। इससे पहले ये कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे, खासकर रायसीना हिल के साउथ ब्लॉक में। इस बदलाव से महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली संस्थाएं एक ही छत के नीचे आ गई हैं, जो प्रशासनिक दक्षता और समन्वय को बढ़ावा देगा।
यह उद्घाटन 13 फरवरी 2026 को हुआ, जो ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन 1931 में नई दिल्ली को भारत की आधुनिक राजधानी के रूप में औपचारिक रूप से स्थापित किया गया था—अब ठीक 95 वर्ष पूरे हो गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन के दौरान कहा कि यह कदम औपनिवेशिक अतीत के प्रतीकों से मुक्ति का प्रतीक है। उन्होंने जोर दिया कि नई इमारतें किसी राजा या साम्राज्य के लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बनी हैं। परिसर की दीवार पर ‘नागरिक देवो भव’ (नागरिक ही भगवान के समान है) का आदर्श वाक्य अंकित है, जो सेवा और नागरिक-केंद्रित शासन की भावना को दर्शाता है।
मोदी सरकार ने 2014 से ही केंद्रीय विस्टा परियोजना के तहत ऐसे कई कदम उठाए हैं, जिनका उद्देश्य शासन व्यवस्था को आधुनिक, भारतीय जनभावना के अनुरूप और कम औपनिवेशिक प्रभाव वाली बनाना है। पुराना साउथ ब्लॉक अब एक संग्रहालय में तब्दील किया जाएगा, जहां देश के इतिहास और स्वतंत्रता के बाद के फैसलों को संरक्षित किया जाएगा।
सेवा तीर्थ के साथ ही कर्तव्य भवन 1 और 2 का भी उद्घाटन हुआ, जहां वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि आदि कई प्रमुख मंत्रालय स्थानांतरित हो रहे हैं।
यह बदलाव न केवल दिल्ली के प्रशासनिक परिदृश्य में बड़ा परिवर्तन है, बल्कि ‘विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने नए कार्यालय से अपने पहले संबोधन में कई महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर भी किए, जो महिलाओं, युवाओं और अन्य वर्गों से जुड़े थे।
देश का पावर सेंटर अब सेवा तीर्थ से संचालित होगा—एक नई शुरुआत, नई ऊर्जा और सेवा की भावना के साथ।










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