बरेली में राष्ट्रीय कवि संगम और राकेश लोक चेतना संस्था ने किया सम्मान समारोह, कवियों ने रचनाओं से बांधा समां

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राज्यसभा सांसद श्रुति गंगवार का किया अभिनंदन, साहित्य, राष्ट्रप्रेम, नारी सम्मान और सामाजिक सरोकारों पर कवियों ने दी प्रस्तुति

बरेली। राष्ट्रीय कवि संगम एवं राकेश लोक चेतना संस्था की ओर से शहर के तीन सौ बेड अस्पताल के पास स्थित संस्कृति हॉल में सम्मान समारोह और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बनने पर श्रुति गंगवार का अभिनंदन किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों और गणमान्य लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्य, राष्ट्रप्रेम, नारी सम्मान और सामाजिक चेतना के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह में वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, संस्था की संरक्षक डॉ. मोनिका अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि तूलिका अग्रवाल, निरुपमा अग्रवाल और रोहित राकेश ने श्रुति गंगवार का स्वागत किया।

साहित्य समाज को दिशा देने का माध्यम : श्रुति गंगवार

सम्मान समारोह में श्रुति गंगवार ने कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य करता है। साहित्य के माध्यम से सामाजिक चेतना, संवेदनशीलता और सकारात्मक विचारों को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने साहित्यकारों की भूमिका को समाज में जागरूकता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण बताया।

कवियों ने रचनाओं से दिया सामाजिक सरोकारों का संदेश

सम्मान समारोह के बाद कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसका संचालन रोहित राकेश ने किया। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को साहित्यिक संवेदनाओं, देशप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ा।

डॉ. मोनिका अग्रवाल ने अपनी पंक्तियों ‘जाने कितने सपने बोए हैं, इस मन की नील नदी में’ के माध्यम से मन के भावों और सपनों को अभिव्यक्ति दी। वहीं, रोहित राकेश ने श्रुति गंगवार के सम्मान में बरेली के सौभाग्य और उनकी उपलब्धि पर आधारित कविता प्रस्तुत की। निरुपमा अग्रवाल ने अपनी रचना के जरिए आशा और नए सृजन का संदेश दिया।

विश्वजीत निर्भय ने अपनी कविता में बेघर लोगों को आश्रय और जरूरतमंदों को अधिकार दिलाने की भावना व्यक्त की। उदित पाठक ने भारत और नारी सम्मान पर आधारित रचना सुनाई। यशकीर्ति गंगवार ने अपनी कविता के माध्यम से निरंतर आगे बढ़ते रहने का संदेश दिया, जबकि कमलकांत श्रीवास्तव ने देश के लिए बलिदान देने वालों के सम्मान में कविता प्रस्तुत की।

साहित्यकारों और गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में डॉ. रीता शर्मा, रश्मि अग्रवाल, अशोक ठाकुर, मनीष अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, आशु अग्रवाल, अभय अग्रवाल और विजय मूलचंदानी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। आयोजन में साहित्यिक प्रस्तुतियों के साथ सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं और राष्ट्रप्रेम के संदेश को प्रमुखता दी गई।

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