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20 सितंबर को आगरा में सनातन शक्ति सम्मेलन, रुहेलखंड से हजारों लोगों के पहुंचने का दावा

20 सितंबर को आगरा में सनातन शक्ति

bareillylive@bareillynews:बरेली, 11 सितंबर 2026। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से आगामी 20 सितंबर 2026 को आगरा में ‘सनातन शक्ति सम्मेलन’ आयोजित किया जाएगा। महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह ‘राजू’ ने शुक्रवार को बरेली प्रवास के दौरान प्रेस से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि सम्मेलन में रुहेलखंड मंडल के बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं से सामान्य वर्ग के हजारों युवा, अभिभावक और शिक्षाविद शामिल होंगे।

राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि देश संविधान से चलता है और संविधान समानता तथा सामाजिक सद्भाव की बात करता है। उन्होंने कहा कि महासभा किसी भी SC/ST समाज के व्यक्ति के साथ अन्याय के पक्ष में नहीं है, लेकिन कानून का इस्तेमाल भेदभावपूर्ण तरीके से नहीं होना चाहिए।

UGC के नए नियम को लेकर जताई चिंता

महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री ने UGC के नए नियम 2026 को लेकर सामान्य वर्ग के युवाओं और उनके अभिभावकों की चिंताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनका संगठन भेदभाव के खिलाफ अभियान चला रहा है।

उन्होंने कहा, “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास में हम सामान्य वर्ग भी शामिल हैं। आज UGC का नया नियम 2026 देखकर करोड़ों सवर्ण युवाओं के पिता की आंखों में आंसू हैं। हमारा अभियान खाड़ी से पहाड़ी तक है, हम भेदभाव के खिलाफ हैं।”

उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का मूल भाव समानता और सद्भाव है और इसी भावना के अनुरूप सभी के साथ न्याय होना चाहिए।

महासभा ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

राघवेंद्र सिंह राजू ने संगठन की ओर से तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं। उन्होंने कहा कि महासभा चाहती है कि कानून सभी के लिए समान रूप से लागू हो और किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव न हो।

पहली मांग—समानता: महासभा ने कहा कि नियम 3(1)(c) की परिभाषा को लेकर उसकी आपत्ति है। संगठन का कहना है कि कानून ऐसा होना चाहिए जिसमें भेदभाव करने वाला व्यक्ति किसी भी वर्ग से हो, उसके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई हो।

दूसरी मांग—निष्पक्ष जांच: संगठन ने मांग की कि किसी भी छात्र को शिकायत मात्र के आधार पर दोषी न माना जाए और कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच के साथ दोनों पक्षों को सुना जाए। महासभा का कहना है कि झूठी शिकायत से छात्र का शैक्षणिक और पेशेवर भविष्य प्रभावित हो सकता है।

तीसरी मांग—फर्जी मुकदमों पर कार्रवाई: महासभा ने मांग की कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ जानबूझकर SC/ST Act का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया जाता है तो शिकायतकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और आर्थिक दंड का प्रावधान किया जाए।

‘सवर्ण समाज ने देश को हमेशा दिया’

राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि सामान्य वर्ग ने देश के निर्माण में लगातार योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि समाज ने सीमा पर बलिदान दिया, देश की अर्थव्यवस्था में योगदान किया और राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा, “सवर्ण समाज ने देश से कभी कुछ मांगा नहीं, हमेशा दिया है। हमने आरक्षण का दर्द भी यह सोचकर सहा कि देश बड़ा है, सनातन बड़ा है। लेकिन अब हमारे बच्चों को कॉलेज में घुट-घुटकर जीना पड़े, यह बर्दाश्त नहीं होगा।”

उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे गए खुले पत्र का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की रोक और सरकार के पुनर्विचार के फैसले से युवाओं को उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि महासभा को उम्मीद है कि केंद्र सरकार सामान्य वर्ग के युवाओं और अभिभावकों की चिंताओं पर भी गंभीरता से विचार करेगी।

रुहेलखंड से आगरा कूच की तैयारी

महासभा के पदाधिकारियों के अनुसार 20 सितंबर को होने वाले सम्मेलन में रुहेलखंड मंडल के चारों जिलों से लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। संगठन ने इसे सामान्य वर्ग के अधिकारों, समानता और सामाजिक सद्भाव से जुड़े मुद्दों को उठाने वाला सम्मेलन बताया है।

इस दौरान वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू, राष्ट्रीय संगठन मंत्री इंजी. भुवनेश्वर सिंह, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य यशपाल सिंह, जिला अध्यक्ष सर्वेश्वर पाल सिंह, बंटी ठाकुर, शिव प्रताप सिंह सहित महासभा के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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