बरेली@BareillyLive: (शाहजहाँपुर) शैक्षिक नवाचार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में शाहजहाँपुर में ‘आई.सी.टी. (ICT) एवं ए.आई. (AI)’ विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय शैक्षिक नवाचार कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में प्रदेश भर से आए प्रतिभागियों ने शिक्षा के क्षेत्र में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नवाचारों का प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया।
विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों का मिला मार्गदर्शन:
कार्यशाला में शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
अपर जिलाधिकारी शाहजहाँपुर: श्री अरविन्द कुमार
विषय विशेषज्ञ एवं शिक्षाविद:
प्रो. डॉ. पवन कुमार चौरसिया (सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ)
प्रो. डॉ. करुणेश कुमार सिंह (अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ)
प्रो. डॉ. विकास खुराना (स्वामी शुकदेवानन्द विश्वविद्यालय, शाहजहाँपुर)
प्रो. डॉ. आलोक दीक्षित (राजकीय महाविद्यालय)
संगठन नेतृत्व: श्री मनोज कुमार सिंह (प्रदेश अध्यक्ष, शैक्षिक नवाचार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश)
बरेली की अध्यापिका सुनीता रानी का नवाचार सराहनीय
कार्यशाला में बरेली से आई अध्यापिका सुनीता रानी द्वारा किए गए नवाचार की विशेष रूप से सराहना की गई। उनके द्वारा किए गए नवाचार केवल अपने विद्यालय तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके नवाचार राज्य स्तर पर भी किए जा रहे हैं। वे बरेली से लेकर एससीईआरटी तक नवाचार में प्रतिभाग कर चुकी हैं। सुनीता रानी उच्च प्राथमिक विद्यालय केसरपुर, बिथरी चैनपुर में तैनात हैं।
शिक्षा में AI के उपयोग पर प्रस्तुतीकरण:
कार्यशाला के दौरान विभिन्न जनपदों से आए प्रतिभागी शिक्षकों ने इस बात का व्यावहारिक प्रदर्शन किया कि कैसे वे अपनी कक्षाओं में ICT टूल्स और AI तकनीक का उपयोग कर शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक, सरल और प्रभावी बना रहे हैं। शैक्षिक नवाचार एसोसिएशन उ.प्र. के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह जी ने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचारी प्रयासों की सराहना की।
उत्कृष्ट प्रतिभागी हुए सम्मानित:
कार्यक्रम के समापन सत्र में ICT एवं AI विषय पर उत्कृष्ट प्रस्तुतीकरण देने वाले सभी शिक्षकों तथा प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान चिह्न देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने सभी उपस्थित विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला का समापन किया।
कार्यशाला का महत्व:
यह कार्यशाला शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई, जहाँ उन्होंने न केवल अपने नवाचारों को प्रस्तुत किया, बल्कि अन्य शिक्षकों के अनुभवों से भी सीखा। एआई और ICT के शैक्षिक उपयोग के साथ-साथ भविष्य में इसके संभावित दुष्परिणामों एवं बच्चों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर भी चर्चा की गई तथा एआई के सुरक्षित, संतुलित और विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया।






Leave a Reply