bareillylive:bareillynews:बरेली के दो युवा इंजीनियरों ने मोटरसाइकिल से नापी दुनिया की सबसे ऊंची सड़क, 12 दिन में पूरी की रोमांचक लद्दाख यात्रा:
खारदुंग ला की चुनौती पार कर दिया साहस का संदेश, बोले– हौसला ऐसा हो जो जरूरत पड़ने पर देश के काम आए
बरेली। शहर के दो युवा इंजीनियरों ने साहस, आत्मविश्वास और देशभक्ति का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए मोटरसाइकिल से लद्दाख की कठिन यात्रा पूरी कर सुरक्षित बरेली वापसी की है।
पेशे से सिविल इंजीनियर शोभित भारती और सॉफ्टवेयर इंजीनियर तुषार मिश्र ने 12 दिनों में यह रोमांचक सफर पूरा किया। इस दौरान दोनों ने दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सड़क खारदुंग ला तक पहुंचकर कठिन परिस्थितियों का सामना किया और युवाओं को साहस व राष्ट्रसेवा का संदेश दिया।
कोलवालान निवासी एवं पीडब्ल्यूडी से सेवानिवृत्त ज्ञान भारती के पुत्र शोभित भारती, जो वर्तमान में इफ्को आंवला में कार्यरत हैं, ने अपने मित्र तुषार मिश्र के साथ
1 जुलाई को बरेली से मोटरसाइकिल यात्रा शुरू की। चार दिन की लगातार यात्रा के बाद दोनों लेह पहुंचे, जहां उन्होंने चार दिन रुककर आसपास के दुर्गम और चुनौतीपूर्ण मार्गों का भी भ्रमण किया।
यात्रा के दौरान कई स्थानों पर दरकते पहाड़, भूस्खलन और बेहद जोखिम भरे रास्तों ने उनकी परीक्षा ली। जब दोनों करीब 18,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित खारदुंग ला पहुंचे तो वहां ऑक्सीजन की कमी महसूस हुई। हालांकि, ऊंचाई पर होने वाली दिक्कतों की जानकारी पहले से होने के कारण उन्होंने पूरी तैयारी के साथ यात्रा की थी।
शोभित भारती ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल रोमांच नहीं था, बल्कि युवाओं में साहस, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना जगाना भी था। उन्होंने कहा, “आसान काम हर कोई कर लेता है, लेकिन कठिन रास्ते हौसले की मांग करते हैं। हमारा संदेश है कि खुद को इतना मजबूत बनाइए कि जरूरत पड़ने पर देश के लिए बिना झिझक आगे बढ़ सकें।”
वापसी के दौरान भी भूस्खलन और खराब मौसम जैसी चुनौतियां सामने आईं, लेकिन दोनों युवाओं ने हिम्मत नहीं हारी और 12 जुलाई को सकुशल बरेली लौट आए। शहर पहुंचने पर परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उनकी इस साहसिक यात्रा की शहरभर में सराहना हो रही है।






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