The Voice of Bareilly since 2010

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: धर्म परिवर्तन पर SC/ST दर्जा खत्म

#scst ,#SC, #ST, #Islam ,#Christianity ,#SupremeCourt,

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म (ईसाई या इस्लाम) में परिवर्तन करने वाले व्यक्ति अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा तुरंत खो देते हैं। ऐसे लोगों को अब SC/ST आरक्षण, सुविधाएं या SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की सुरक्षा नहीं मिलेगी।

(17) BareillyLive on X: “सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: धर्म परिवर्तन करने वालों को अब SC/ST की सुविधाएं नहीं मिलेंगी, दुरुपयोग पर सरकार कड़ी कार्रवाई करे #scst ,#SC, #ST, #Islam ,#Christianity ,#SupremeCourt, https://t.co/6gxaOpVPy3” / X

जस्टिस पी.के. मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया कि संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के तहत केवल हिंदू, सिख और बौद्ध ही SC माने जा सकते हैं। परिवर्तन के साथ ही दर्जा पूरी तरह समाप्त हो जाता है, चाहे जन्म से SC परिवार से ही क्यों न हो।

कोर्ट ने कहा, “यह बाध्यता निरपवाद है। लाभ के लिए धर्म बदलना संविधान के साथ धोखा है।” सरकारों को ऐसे दुरुपयोग के मामलों में कड़ी जांच और कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है।यह फैसला आरक्षण की मंशा को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

फैसले की मुख्य बातें:

  • धर्म परिवर्तन के बाद SC प्रमाणपत्र रखने से भी लाभ नहीं मिलेगा। प्रमाणपत्र रद्द न होने पर भी कोई अधिकार नहीं।
  • केवल लाभ के लिए धर्म बदलना या दोहरी पहचान बनाए रखना “संविधान के साथ धोखा” है।
  • कोई भी वैधानिक लाभ, आरक्षण या SC/ST एक्ट के तहत सुरक्षा ऐसे व्यक्ति को नहीं दी जा सकती।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों को निर्देश दिया कि ऐसे दुरुपयोग के मामलों में कड़ी जांच और कार्यवाही की जाए ताकि आरक्षण का उद्देश्य असली जरूरतमंदों तक पहुंचे।य

error: Content is protected !!