bareillylive:bareillynews:कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने हवन-पूजन के बाद दिखाई हरी झंडी,
बरेली में धूमधाम से निकली भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्राबरेली। श्री राधा संकीर्तन मंडल ट्रस्ट (रजि.) बरेली के तत्वावधान में गुरुवार को सिकलापुर स्थित बाबा ब्रिगटन श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर से भगवान श्री जगन्नाथ की पारंपरिक एवं भव्य रथयात्रा श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ निकाली गई। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान से हवन-पूजन के साथ हुआ।
रथयात्रा का शुभारंभ कैंट विधानसभा के विधायक संजीव अग्रवाल ने हवन-पूजन में सहभागिता करने के उपरांत भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलराम (बलभद्र) एवं माता सुभद्रा की आरती कर हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना भी मौजूद रहे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।
कार्यक्रम में तुलसी मठ के महंत नीरज नयन दास जी महाराज, मंदिर के पदाधिकारी, श्री राधा संकीर्तन मंडल ट्रस्ट के सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। “जय जगन्नाथ” के जयघोष और भजन-कीर्तन के बीच जैसे ही रथयात्रा आगे बढ़ी, पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया।
इस शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत मंदिर परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया।
कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, महंत नीरज नयन दास जी महाराज एवं मंदिर के पदाधिकारियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आह्वान किया।
रथयात्रा पूरे पारंपरिक उल्लास, धार्मिक आस्था और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुई। आयोजकों ने भगवान श्री जगन्नाथ से सभी भक्तों के सुख, शांति, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।तुलसी मठ के महंत नीरज नयन दास जी महाराज ने बताया कि ब्रिगटन श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर लगभग 500 वर्ष प्राचीन है और यह बरेली की ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहरों में से एक है।
उन्होंने कहा कि इस मंदिर से प्रतिवर्ष पारंपरिक रूप से भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलराम (बलभद्र) एवं माता सुभद्रा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यह परंपरा वर्षों से निरंतर चली आ रही है और शहर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।






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