दूरदराज के ब्लॉकों से नगर निगम क्षेत्र में ड्यूटी लगाए जाने पर जताई नाराजगी, स्थानीय स्तर पर तैनाती और ड्यूटी निर्धारण में पारदर्शिता की उठाई मांग
बरेली, उत्तर प्रदेश। जनगणना कार्य के लिए ड्यूटी निर्धारण में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षामित्रों में नाराजगी देखने को मिल रही है। दूरदराज के ब्लॉकों में तैनात शिक्षामित्रों की ड्यूटी नगर निगम क्षेत्र में लगाए जाने पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने विरोध जताया है। संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारी नारायण सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय में भी ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की गई।
60 से 70 किलोमीटर दूर जाकर करनी पड़ेगी ड्यूटी
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष कपिल यादव ने कहा कि दमखोदा, नवाबगंज, मीरगंज और बहेड़ी जैसे दूरस्थ ब्लॉकों में तैनात शिक्षामित्रों की ड्यूटी नगर निगम क्षेत्र में लगा दी गई है। इनमें कई शिक्षामित्र ऐसे हैं, जो अपने तैनाती स्थल के आसपास ही रहते हैं। ऐसे में उन्हें प्रतिदिन करीब 60 से 70 किलोमीटर की दूरी तय करके जनगणना कार्य के लिए पहुंचना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की ड्यूटी व्यवस्था शिक्षामित्रों के लिए व्यावहारिक नहीं है। इससे उन्हें आने-जाने में अतिरिक्त समय और धन खर्च करना पड़ेगा। संघ ने प्रशासन से ड्यूटी निर्धारण की प्रक्रिया की समीक्षा कर शिक्षामित्रों को राहत देने की मांग की है।
स्थानीय स्तर पर तैनाती की मांग
जिला महामंत्री कुमुद केशव पांडे ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में शिक्षामित्रों की ड्यूटी उनके तैनाती स्थल के आसपास निर्धारित की जानी चाहिए। इससे उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में आसानी होगी और अनावश्यक परेशानी से भी बचा जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में ड्यूटी लगाए जाने से शिक्षामित्रों पर मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। विशेष रूप से महिला शिक्षामित्रों की सुविधाओं और सुरक्षा संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ड्यूटी निर्धारित की जानी चाहिए।
प्रशासन से पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग
शिक्षामित्र संघ ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से जनगणना ड्यूटी आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैनाती करने की मांग की। संघ का कहना है कि ड्यूटी निर्धारित करते समय शिक्षामित्रों के कार्यस्थल, निवास स्थान और आने-जाने की दूरी जैसे पहलुओं पर भी विचार किया जाना चाहिए।
इस दौरान जिलाध्यक्ष कपिल यादव, जिला महामंत्री कुमुद केशव पांडे, सीमा सक्सेना, सर्वेश पटेल, सरवन कुमार, रवि शंकर मिश्रा, रीना, बसंती, सविता, सुनीता, रामकिशन और प्रतिष्ठा समेत कई शिक्षामित्र मौजूद रहे।






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