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पूर्वी लद्दाख में कई जगहों से ढाई किलोमीटर पीछे हटी चीनी सेना

नई दिल्‍ली। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी गतिरोध को खत्‍म करने के लिए भारतीय कूटनीति का बड़ा असर सामने आया है। पूर्वी लद्दाख में चीन के सैनिक तीन क्षेत्रों से पीछे हट गए हैं। हालांकि यह पहलकदमी दोनों पक्षों की ओर से नजर आई है। सरकार के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि गलवान क्षेत्र में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) पैट्रोलिंग प्वाइंट 15 और हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र से ढाई किलोमीटर पीछे हटी है जबकि भारत ने अपने सैनिकों को कुछ पीछे हटाया है। इस सप्ताह होने वाली सैन्य बातचीत से पहले दोनों देशों की तरफ से हुई इस पहल से एक महीने से भी ज्यादा वक्त से जारी तनाव के खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है।

गौरतलब है कि इससे पहले 4 जून को भी ऐसी रिपोर्ट आई थी कि चीनी सेना दो किलोमीटर पीछे हट गई है। चीन ने उक्‍त कदम 6 जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बैठक से पहले उठाया था।

भारत और चीन की सेना के बीच इस सप्ताह पेट्रोलिंग पॉइंट 14 (गलवान एरिया), पेट्रोल पॉइंट 15 और हॉट स्प्रिंग्स एरिया समेत लद्दाख के कई अलग-अलग जगहों पर मीटिंग होने वाली है। सरकार के शीर्ष सूत्रों ने यह जानकारी दी है।  उन्होंने कहा कि चीन की सेना गलवान वैली, पेट्रोलिंग पॉइंट- 15 और हॉट स्प्रिंग्स एरिया से 2-2.5 किमी पीछे हट चुकी है। सूत्रों ने कहा कि यह 6 जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की हुई बातचीत और आने वाली मीटिंग का असर है।

सूत्रों ने कहा कि चूंकि पहले चीन की सेना ने अपने कदम वापस खींचे तो भारत की सेना ने भी उन इलाकों से अपने कुछ सैनिक और वाहनों को वापस बुला लिया। उनके मुताबिक, तनाव के इन बिंदुओं पर दोनों तरफ से बटाइलियन कमांडर स्तर की बातचीत हो रही है। चीन से बातचीत के लिए भारतीय सैन्य दल पहले से ही चुसुल में मौजूद हैं जो वरिष्ठ अधिकारियों की मदद कर रहे हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को ही कहा था कि मौजूदा वक्‍त में देश का नेतृत्‍व मजबूत हाथों में है और देश के आत्‍मसम्‍मान पर आंच नहीं आने दी जाएगी। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा था कि भारत और चीन मौजूदा गतिरोध को सुलझाने के लिए सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत कर रहे हैं जिसके नतीजे सकारात्मक रहे हैं। वहीं चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्‍ता हुआ चुनयिंग ने कहा था कि दोनों पक्ष राजी हुए हैं कि उनको अपने शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति को लागू करने की जरूरत है ताकि गतिरोत को विवाद में बदलने से रोका जा सके।

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