सनातन हिन्दू पंचांग को वैदिक पंचांग कहा जाता है। इस पंचांग के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बनता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण हैं। इस कॉलम के माध्यम से हम आपको दैनिक पंचांग में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष आदि की जानकारी देने का प्रयास करते हैं।
| मंगलवार, जुलाई २१, २०२० का पञ्चाङ्ग बरेली, भारत के लिए | |||
| सूर्योदय: | ०५:२८ | सूर्यास्त: | १९:०९ |
| हिन्दु सूर्योदय: | ०५:३२ | हिन्दु सूर्यास्त: | १९:०५ |
| चन्द्रोदय: | ०५:४५ | चन्द्रास्त: | १९:५६ |
| सूर्य राशि: | कर्क | चन्द्र राशि: | कर्क |
| सूर्य नक्षत्र: | पुष्य | ||
| द्रिक अयन: | दक्षिणायण | द्रिक ऋतु: | वर्षा |
| वैदिक अयन: | दक्षिणायण | वैदिक ऋतु: | वर्षा |
| हिन्दु लूनर दिनाँक | |||
| शक सम्वत: | १९४२ शर्वरी | चन्द्रमास: | श्रावण – अमान्त |
| विक्रम सम्वत: | २०७७ प्रमाथी | श्रावण – पूर्णिमान्त | |
| गुजराती सम्वत: | २०७६ | पक्ष: | शुक्ल पक्ष |
| तिथि: | प्रतिपदा – २१:२४ तक | ||
| नक्षत्र, योग तथा करण | |||
| नक्षत्र: | पुष्य – २०:३० तक | योग: | वज्र – १७:३५ तक |
| प्रथम करण: | किंस्तुघ्न – १०:१६ तक | ||
| द्वितीय करण: | बव – २१:२४ तक | ||
| अशुभ समय | |||
| दुर्मुहूर्त: | ०८:१५ – ०९:०९ | वर्ज्य: | कोई नहीं |
| २३:१६ – २३:५८ | |||
| राहुकाल: | १५:४२ – १७:२३ | गुलिक काल: | १२:१९ – १४:०० |
| यमगण्ड: | ०८:५५ – १०:३७ | ||
| शुभ समय | |||
| अभिजित मुहूर्त: | ११:५२ – १२:४६ | अमृत काल: | १४:२० – १५:५३ |
| अन्य | |||
| आनन्दादि योग: | वर्धमान – २०:३० तक | तमिल योग: | सिद्ध – २०:३० तक |
| आनन्द | सिद्ध | ||
| होमाहुति: | सूर्य | अग्निवास: | आकाश – २१:२४ तक |
| पाताल | |||
| निवास और शूल | |||
| दिशा शूल: | उत्तर में | राहु काल वास: | पश्चिम में |
| नक्षत्र शूल: | कोई नहीं | चन्द्र वास: | उत्तर में |
| चन्द्रबलम और ताराबलम | |||
| निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ *धनु राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र | निम्न नक्षत्र के लिए उत्तम ताराबलम २०:३० तक:अश्विनी, कृत्तिका, मॄगशिरा, पुनर्वसु, अश्लेशा, मघा, उत्तराफाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढा, धनिष्ठा, पूर्व भाद्रपद, रेवती उसके पश्चात – निम्न नक्षत्र के लिए उत्तम ताराबलम अगले दिन सूर्योदय तक:अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वाफाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपद | ||
| पञ्चक रहित मुहूर्त एवं उदय-लग्न | |||
| आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त:०५:३२ – ०७:३० शुभ मुहूर्त ०७:३० – ०९:४७ रोग पञ्चक ०९:४७ – १२:०३ शुभ मुहूर्त १२:०३ – १४:२३ मृत्यु पञ्चक १४:२३ – १६:४१ अग्नि पञ्चक १६:४१ – १८:४५ शुभ मुहूर्त १८:४५ – २०:२८ रज पञ्चक २०:२८ – २०:३० शुभ मुहूर्त २०:३० – २१:२४ चोर पञ्चक २१:२४ – २१:५५ शुभ मुहूर्त २१:५५ – २३:२१ रोग पञ्चक २३:२१ – २४:५६ चोर पञ्चक २४:५६ – २६:५२ शुभ मुहूर्त २६:५२ – २९:०६ रोग पञ्चक २९:०६ – २९:३३ शुभ मुहूर्त | आज के दिन के लिए उदय-लग्न मुहूर्त:०५:३२ – ०७:३० कर्क ०७:३० – ०९:४७ सिंह ०९:४७ – १२:०३ कन्या १२:०३ – १४:२३ तुला १४:२३ – १६:४१ वृश्चिक १६:४१ – १८:४५ धनु १८:४५ – २०:२८ मकर २०:२८ – २१:५५ कुम्भ २१:५५ – २३:२१ मीन २३:२१ – २४:५६ मेष २४:५६ – २६:५२ वृषभ २६:५२ – २९:०६ मिथुन २९:०६ – २९:३३ कर्क | ||
| दैनिक उपवास और त्यौहार | |||
| चन्द्र दर्शन मंगला गौरी व्रत |









