The Voice of Bareilly since 2010

शनि जयंती पर इन विशेष मंत्रों के जाप से खुलते हैं सुख, समृद्धि के साथ प्रगति के द्वार

शनि जयंती, अमावस्या या प्रत्येक शनिवार इन विशेष मंत्रों के जाप से यश, सुख, समृद्धि, कीर्ति, पराक्रम, वैभव, सफलता और अपार धन-धान्य के साथ प्रगति के द्वार खुलते हैं। किसी एक मंत्र का चयन करें और अवश्य जपें….

  1. बीज मंत्र- ॐ शं शनैश्चराय नम:
  2. तंत्रोक्त मंत्र- ॐ प्रां. प्रीं. प्रौ. स: शनैश्चराय नम:
  3. श्री शनि व्यासवि‍रचित मंत्र

ॐ नीलांजन समाभासम्। रविपुत्रम यमाग्रजम्।
छाया मार्तण्डसंभूतम। तम् नमामि शनैश्चरम्।।

  1. शनिचर पुराणोक्त मंत्र

सूर्यपुत्रो दीर्घेदेही विशालाक्ष: शिवप्रिय: द
मंदचार प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनि:

  1. शनि का वेदोक्त मंत्र

ॐ शमाग्निभि: करच्छन्न: स्तपंत सूर्य शंवातोवा त्वरपा अपास्निधा:

  1. शनि स्तोत्र

नमस्ते कोणसंस्‍थाचं पिंगलाय नमो एक स्तुते
नमस्ते बभ्रूरूपाय कृष्णाय च नमो ए स्तुत
नमस्ते रौद्रदेहाय नमस्ते चांतकाय च
नमस्ते यमसंज्ञाय नमस्ते सौरये विभो
नमस्ते मंदसज्ञाय शनैश्चर नमो ए स्तुते
प्रसाद कुरू देवेश दिनस्य प्रणतस्य च
कोषस्थह्म पिंगलो बभ्रूकृष्णौ रौदोए न्तको यम:
सौरी शनैश्चरो मंद: पिप्लदेन संस्तुत:
एतानि दश नामामी प्रातरुत्थाय ए पठेत्
शनैश्चरकृता पीडा न कदचित् भविष्यति

error: Content is protected !!