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Dengue से जुडी बातें -You must know

dengue symptumsनयी दिल्ली। भारत भर में डेंगू का बुखार तेज़ी से फैल रहा है। यह बुखार कम रोग क्षमता वाले बुजुर्गों व युवाओं को अपनी चपेट में ले रहा है। सफाई के माध्यम से आप गंदगी में पनपने वाले मच्छरों को रोक सकते हैं। इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए आपको अपने आसपास के वातावरण को साफ रखने की जरूरत है। चूंकि यह बुखार डेंगू वायरस से संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से होता है।

जब मच्छर डेंगू वायरस से पीडित व्यक्ति को काटता है तो वह संक्रमित हो जाता है। यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक केवल मच्छर के माध्यम से फैलती है। यहां डेंगू से जुडी अन्य जानकारी दी गई है, इससे जानें कि कैसे एक मच्छर आपकी जान को मुश्किल में डाल सकता है।

किस मच्‍छर के काटने से फैलता है डेंगू  :- एडीज मच्छर के काटने से डेंगू का बुखार होता है। यह मच्छर अपने डंक से संक्रमित व्यक्ति के खून में मौजूद वायरस को दूसरे व्यक्ति में प्रवेश कराता है।

dengueकहां सबसे ज्‍यादा डंक मारता है मच्छर :- अक्सर एंडीज मच्छर कोहनी के पीछे व घुटने के नीचे डंक मारता है।

डेंगू बुखार के लक्षण :-जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द, सूजन, सिर दर्द, बुखार, थकान व चकत्ते इस बुखार के कुछ लक्षण हैं।

कब उतरता है  डेंगू का बुखार :-अधिकांश व्यक्तियों में डेंगू का बुखार 10-14 दिनों तक रहता है। अतः पहले सप्ताह में ऊपर उल्लेखित लक्षण तीव्र रूप से नज़र आते हैं।

शरीर के किस हिस्से को नुकसान पहुंचता है यह बुखार :- यह बुखार मस्तिष्क (इन्सेफेलाइटिस) से लेकर तंत्रिक तंत्र के साथ जुडे शरीर के हर हिस्से को नुकसान पहुंचाता है। स्वस्थ होने के लिए रोगियों को पूरा आराम करने की जरूरत है।

इसका इलाज कैसे करते हैं डॉक्टर :- आमतौर पर डॉक्टर रोगियों को पूरा आराम व अधिक मात्रा में पानी पीने के लिए कहते हैं। कहा जाता है कि यह वायरस समय के साथ-साथ समाप्त होता जाता है।

डेंगू के लंबे समय के प्रभाव :- डेंगू का बुखार मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द एवं कमजोरी जैसे निशान छोड जाता है। कुछ मामलों में, कम प्रतिरोध शक्ति के कारण मरीज़ अन्य बीमारियों की चपेट में आ जाता है।

क्या डेंगू बुखार संक्रामक है :- नहीं, डेंगू का बुखार व्यक्ति से व्यक्ति तक नहीं फैलता। बल्कि, यह रोग केवल संक्रमित मच्छर के डंक से फैलती है।

diet foe dengue patientक्या ना खाएँ :- डेंगू से पीडित मरीज़ों को जंक फूड, तले हुए पकवान तथा होटल व सड़क पर मिलने वाले पकवानों को नहीं खाना चाहिए।

क्या खाएं :- संतरा, दलिया, पपीता, हर्बल टी, जूस व प्रोटीन से युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

डेंगू में किन दवाओं का परहेज करें :- डेंगू से संक्रमित होने पर रोगी को आमतौर पर दर्द निवारक दवा दी जाती है। अतः इस दौरान एस्पिरिन व ब्रुफेन ना लें।

बीमारी के बाद की देख-भाल :- पूरी तरह से ठीक होने के लिए आप दैनिक आधार पर योगा व व्यायाम करें। उच्च खनिज, प्रोटीन व विटामिन से युक्त आहारों को शामिल करें एवं सकारात्मक सोच को अपनाएं।

क्या डेंगू से मर सकता है व्यक्ति :- यदि रोगी को सही समय पर अस्पताल ना ले जाया जाए या उसकी ठीक से देख-भाल नी की जाए, तो वह मर सकता है।

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