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Big Breaking: नहीं रहे मशहूर शायर राहत इंदौरी, दिल का दौरा पड़ने से निधन

नई दिल्ली।  मशहूर शायर राहत इंदौरी नहीं रहे। मंगलवार को इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। आज सवेरे ही उनकी कोरोना वायरस जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। राहत इंदौरी को पहले से भी कई तरह की बीमारियां थीं। उन्होंने शुगर और हार्ट की भी दिक्कत थी।

राहत इंदौरी ने खुद ट्वीट करके अपने कोरेना संक्रमित होने की जानकारी दी थी। उन्होंने ट्वीट किया था, “कोरोना के शरुआती लक्षण दिखाई देने पर कल मेरा कोरोना टेस्ट किया गया जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। ऑरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट हूं। दुआ कीजिये जल्द से जल्द इस बीमारी को हरा दूं। एक और इल्तिजा (निवेदन) है, मुझे या घर के लोगों को फोन ना करें, मेरी खैरियत ट्विटर और फेसबुक पर आपको मिलती रहेगी।” 

राहत इंदौरी उर्दू के मशहूर शायर होने के साथ ही बॉलीवुड के चर्चित गीतकार भी थे। उनका जन्म 1 जनवरी 1950 को इंदौर में रफतुल्लाह कुरैशी के घर पर हुआ था जो एक कपड़ा मिल में काम करते थे। उनकी मां का नाम मकबूल उन निसा बेगम था। उन्होंने इंदौर के नूतन स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की। इसके बाद इंदौर के ही इस्लामिया करीमिया कॉलेज से स्नातक और भोपाल की बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी से उर्दू में स्नातकोत्तर किया। 

इन फिल्मों के लिए लिखे थे गीत

गीतकार के रूप में राहत इंदौरी ने कई फिल्मों के लिए गीत लिखे जिनमें मुन्ना भाई एमबीबीएस, मीनाक्षी, खुद्दार, नाराज, मर्डर, मिशन कश्मीर, करीब, बेगम जान, घातक, इश्क, जानम, सर, आशियां और मैं तेरा आशिक, दरार, गली गली में चोर है, हमेशा, द जेंटजलमेन, पहला सितारा, जुर्म, हनन, इंतेहा, प्रेम अगन, हिमालयपुत्र, पैशन, दिल कितना नादान है, वैपन, बेकाबू, याराना, गुंडाराज, नाजायज, टक्कर, मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी और तमन्ना शामिल हैं।

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