लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मॉनसून ने एक बार फिर विकराल रूप ले लिया है। सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी सिस्टम के कारण तराई और दक्षिणी क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई। सहारनपुर में सर्वाधिक 140 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि गोरखपुर में 75.2 मिमी और बलिया में 73.3 मिमी बारिश हुई।
मौसम विभाग की चेतावनी
अमौसी के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी सिस्टम और ट्रफ लाइन की मजबूती के कारण नमी से भरी पूर्वी हवाएँ प्रदेश में सक्रिय हैं। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। विशेष रूप से गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, महाराजगंज, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, बलरामपुर, कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, श्रावस्ती, अंबेडकर नगर, सहारनपुर, बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।
37 जिलों में बाढ़ का कहर
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के 37 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। इनमें अयोध्या, भदोही, श्रावस्ती, उन्नाव, बहराइच, बाराबंकी, बस्ती, कासगंज, हरदोई, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, मेरठ, हापुड़, गोरखपुर, गोंडा, बिजनौर, बदायूं, मीरजापुर, संत कबीर नगर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाजीपुर, हमीरपुर, इटावा और फतेहपुर शामिल हैं। इन जिलों की 95 तहसीलों और 1929 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
राहत और बचाव कार्य जोरों पर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि 6,95,362 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जिन्हें सहायता दी जा रही है। 84,777 मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। बाढ़ से 574 लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 472 को सहायता राशि प्रदान की गई है। 65,202 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र बाढ़ की चपेट में है। राहत सामग्री पहुँचाने के लिए 2,622 नावें और मोटरबोट्स तैनात हैं।
सरकार की सक्रियता
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंत्री और अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार ने त्वरित राहत और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की है ताकि प्रभावित लोग जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें।









