bareillylive : रोटरी क्लब बरेली फ्रेगरेंस की ओर से सोमाया ग्रीन्स में भव्य डांडिया नाइट का आयोजन किया गया। रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक सजावट और डांडिया की मधुर थाप के बीच क्लब सदस्यों एवं शहरवासियों ने गरबा और डांडिया का जमकर आनंद लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मेयर डॉ. उमेश गौतम उपस्थित रहे।
पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से पूरे आयोजन को उत्साह और उमंग से भर दिया। डांडिया की थाप पर थिरकते प्रतिभागी और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियाँ सभी का मन मोह लेती रहीं। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। मंच पर गरबा और डांडिया की लयबद्ध प्रस्तुतियों ने वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
मुख्य अतिथि मेयर डॉ. उमेश गौतम ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने रोटरी क्लब बरेली फ्रेगरेंस के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मनोरंजन के साथ जरूरतमंदों की सहायता का संकल्प ऐसे आयोजनों को और भी सार्थक बनाता है। उन्होंने क्लब सदस्यों को इस नेक पहल के लिए बधाई दी।
इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष सुधा गुप्ता ने कहा कि डांडिया नाइट का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से सामाजिक सेवा कार्यों के लिए संसाधन जुटाना भी है। आयोजन से प्राप्त राशि का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सहायता और विभिन्न सामाजिक सेवा परियोजनाओं में किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इस नेक पहल में हरसहायमल श्याम लाल ज्वेलर्स द्वारा कार्यक्रम प्रायोजित कर सहयोग राशि प्रदान की गई है, जिसका उपयोग क्लब के सेवा कार्यों में किया जाएगा। उन्होंने सहयोग के लिए सभी सदस्यों, प्रायोजकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सचिव मुक्ता अग्रवाल, रिचा अग्रवाल, सविता, शालू मित्तल, शुभ्रा अग्रवाल, पूजा, पूनम सिंह, साक्षी अग्रवाल, मनीषा मेहरा, पारुल, उषा कुमार, ज्योति खुराना, अंजू अदलखा, लेखा खंडेलवाल, हेमा, सुषमा सहित क्लब के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में शहरवासी भी कार्यक्रम में शामिल हुए और डांडिया नाइट के उत्सव में हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान सभी प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बनता था। डांडिया की थाप, गरबा की लय और रंगीन परिवेश ने शाम को यादगार बना दिया। रोटरी क्लब बरेली फ्रेगरेंस का यह आयोजन संस्कृति, समाज और सेवा के संगम का सुंदर उदाहरण रहा।








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