Bareillylive : ब्रह्माकुमारी संस्था ने अपने 90 वर्ष पूर्ण होने पर 100 फुटा रोड स्थित ओसी वेंकट हॉल में ‘नवदशकोत्सव’ नामक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। इस विशेष अवसर पर बरेली क्षेत्र और आसपास के सभी केंद्रों से समर्पित दीदियां व भाई उपस्थित हुए, जिन्होंने अपना अमूल्य समय देकर कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम की शुरुआत बहेड़ी से पधारी निशा बहन की हृदयस्पर्शी शिव स्तुति से हुई, जिसने सभी को आध्यात्मिक मुग्धता में डुबो दिया।
रामपुर से आई संगीता दीदी ने संस्था के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1936 में दादा लेखराज जी द्वारा लगाया गया एक छोटा बीज आज विशाल वट वृक्ष बन चुका है। यह वृक्ष भारत सहित 140 देशों में फैला हुआ है, जहां 8500 से अधिक सेवा केंद्रों के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत की जा रही है। संस्था में 50,000 से अधिक बहनें पूर्ण रूप से समर्पित होकर ईश्वरीय ज्ञान प्रदान करने व लोगों को गुण-शक्तियों से संपन्न बनाने में लगी हैं। इससे लगभग 20 लाख भाई-बहन प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं।
संस्था ने 1950 में राजस्थान के माउंट आबू में अपना कार्य प्रारंभ किया, जो अब इसका अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय है। संस्था को सात राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। विभिन्न वर्गों तक पहुंचने के लिए 25 प्रभागों के माध्यम से संस्कार परिवर्तन व नैतिक मूल्यों की स्थापना पर कार्य किया जा रहा है।
क्षेत्रीय संचालिका पार्वती दीदी ने स्व-परिवर्तन पर जोर देते हुए कहा, “स्वयं को खुश रखें, आचार-व्यवहार उत्तम बनाएं, अच्छे संस्कार अपनाएं, स्वास्थ्य सुधारें। आध्यात्मिक चेतना फैलाएं, मन-तन स्वस्थ रखें, परमात्मा से योग लगाएं। हम बदलेंगे तो समाज बदलेगा, समाज बदलेगा तो देश में सुख-शांति स्थापित हो जाएगी।” दीप प्रज्ज्वलन के साथ औपचारिक रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। आयोजक ब्रह्माकुमारी रजनी ने सभी अतिथियों, समर्पित दीदियों व भाईयों का हार्दिक स्वागत किया।
मोहित भाई ने अपनी मधुर गीतमय प्रस्तुति से समां बांध दिया। मुख्य अतिथि वेदांता हॉस्पिटल के अध्यक्ष डॉ. विमल भारद्वाज रहे। अन्य प्रमुख अतिथियों में चंद्रकांती हॉस्पिटल के डॉ. मुनीश अग्रवाल, स्वामी हरि शरण महाराज जी, डीआईजी श्री विकास वैद्य, विभा जी वैद्य, मोनिका जी व राजश्री इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में संस्था से जुड़े करीब 300 भाई-बहन उपस्थित थे। ब्रह्माकुमारी पारुल दीदी ने कुशल संचालन कर सभी को प्रभावित किया। यह आयोजन न केवल संस्था के 90 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि आध्यात्मिक जागरण का संदेश भी दे गया।






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