Bareillylive : विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर ब्रह्माकुमारीज द्वारा नशा मुक्ति केंद्र में एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 16 नशा पीड़ित भाईयों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू एवं अन्य नशों के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और प्रतिभागियों को नशा मुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की संचालन में बीके पारुल बहन की भूमिका उल्लेखनीय रही। उन्होंने सरल एवं प्रभावशाली भाषा में तंबाकू के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक प्रभावों पर प्रकाश डाला तथा नशा छोड़ने के व्यावहारिक उपाय बताए। पारुल बहन ने तंबाकू से जुड़ी मिथकों का खंडन करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व को रेखांकित किया। उनकी व्याख्या ने प्रतिभागियों में समझ बढ़ाई और नतीजों की संभावित प्राप्ति के प्रति आशा जगाई।
बीके निशा बहन ने प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावनात्मक रूप से ऊर्जावान बनाया। गीतों में शामिल सकारात्मक संदेशों ने प्रतिभागियों के हौसले बढ़ाए और समूह में एकजुटता का भाव पैदा किया। इसके अलावा, बीके ज्ञानी बहन ने राजयोग मेडिटेशन का सत्र कराते हुए सभी को आंतरिक शांति, आत्मवश और सकारात्मक सोच का अनुभव कराया। मेडिटेशन सत्र में शामिल तकनीकों ने प्रतिभागियों को तनाव प्रबंधन एवं नशा छोड़ने की प्रक्रियाओं में सहायता देने के लिए व्यावहारिक उपकरण प्रदान किए।
कार्यक्रम के अंत में नशा मुक्ति केंद्र के संचालक विनय पटेल जी का सम्मान किया गया। उन्हें ईश्वरीय सौगात, साहित्य तथा प्रसाद भेंट कर आभार व्यक्त किया गया, क्योंकि उनके प्रयासों से केंद्र में उपचार तथा पुनर्वास के कार्यक्रम प्रभावी रूप से संचालित हो रहे हैं। वे नशा पीड़ितों के पुनर्वास एवं समाज में पुनः समायोजन के कार्य में निरंतर सक्रिय रहे हैं।
समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने स्वस्थ, खुशहाल एवं नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु सहयोग का संकल्प लिया। कार्यक्रम के पश्चात प्रतिभागियों को प्रसाद, आध्यात्मिक पुस्तकमाला एवं वरदान देकर उनकी प्रेरणा व समर्पण को बढ़ावा दिया गया। 16 नशा पीड़ितों ने कार्यक्रम में शामिल होकर नशा मुक्त होने का विश्वास जताया और बताया कि उन्हें अब नई राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। आयोजकों ने भविष्य में ऐसे और सत्र आयोजित करने तथा सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने का आश्वासन दिया।






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