100 बीघा से अधिक भूमि को मंदिर के नाम सुरक्षित रखने की मांग, एसडीएम ने दिया निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन
bareillylive:महेशपुर/नवाबगंज। महेशपुर स्थित अति प्राचीन महेश धाम शिव मंदिर की भूमि के कथित बिक्री मामले को लेकर गुरुवार को क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला। मंदिर की भूमि को बेचने के विरोध में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्रवासी एकत्र हुए। 121 विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. एमपी आर्य के नेतृत्व में सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ लोगों ने प्रदर्शन कर मंदिर की भूमि को अवैध कब्जे और कथित क्रय-विक्रय से मुक्त कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मंदिर की देखरेख करने वाले नाथू गिरी पुत्र मक्खन गिरी द्वारा महेश धाम की भूमि को नन्हे अली पुत्र शब्बीर, कुंवरपुर बजरिया, बरेली और रुखसार बी पत्नी राशिद अली, दिल्ली के पक्ष में बेचे जाने का प्रयास किया गया। मामले की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में विरोध तेज हो गया।
मौके पर पहुंचे एसडीएम, दिया कार्रवाई का भरोसा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नवाबगंज एसडीएम मिस्टर यादव मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि मंदिर की भूमि को सुरक्षित रखा जाएगा तथा पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार निष्पक्ष एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर की भूमि किसी भी सूरत में निजी संपत्ति नहीं बनने देंगे : विधायक
जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. एमपी आर्य ने कहा कि 100 बीघा से अधिक की यह भूमि महेश धाम शिव मंदिर से जुड़ी है और इसे किसी भी स्थिति में व्यक्तिगत संपत्ति नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर के बेहतर प्रबंधन के लिए जल्द ही सर्वसम्मति से ट्रस्ट का गठन किया जाएगा। मंदिर की व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उपजिलाधिकारी स्तर के अधिकारी को सचेतक की भूमिका में रखने की बात भी कही।
विधायक ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मंदिर के विकास के लिए 1.50 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कराई थी, लेकिन उनके अनुसार तत्कालीन देखरेख करने वालों द्वारा धनराशि वापस कर दी गई। उन्होंने सड़क चौड़ीकरण के कार्य में भी बाधा पहुंचाए जाने का आरोप लगाया।
डॉ. आर्य ने महेश धाम को प्राचीन धार्मिक धरोहर बताते हुए इसके संरक्षण और विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने बताया कि सरकारी बजट वापस जाने के बावजूद वह मंदिर के विकास के लिए अपने व्यक्तिगत स्तर से 10 लाख रुपये की सहयोग राशि देंगे। साथ ही उन्होंने क्षेत्रवासियों से भी मंदिर के पुनरोद्धार में सहयोग करने की अपील की।
शैलेंद्र विक्रम ने भी उठाई कठोर कार्रवाई की मांग
सभा में भारत तिब्बत सहयोग मंच के ब्रज प्रांत अध्यक्ष शैलेंद्र विक्रम ने भी मंदिर की भूमि के कथित लेनदेन पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मामले में जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि मंदिर और उसकी भूमि की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से महेश धाम के संरक्षण और विकास के लिए आगे आने का आह्वान किया।
सभा के दौरान शैलेंद्र विक्रम ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘जेन-जी’ के नाम पर चल रहे आंदोलनों का भी उल्लेख किया और भारतीय संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी रहे मौजूद

प्रदर्शन और जनसभा में नवाबगंज ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ. आशुतोष गंगवार, नवाबगंज मंडल अध्यक्ष केशव गुप्ता, राकेश पटेल, भुवनेश गंगवार, पुष्पेंद्र यादव एडवोकेट, शिवनंदन पटेल, देव पटेल, लेखराज गंगवार, विनोद गुप्ता, टीआर गंगवार, भानु गंगवार, जयदीप गंगवार, ठाकुर जयदीप एडवोकेट, पूर्व प्रमुख पिंटू गंगवार, छेदालाल प्रधान, नत्थूलाल आर्य, नितेश उपाध्याय, प्रदीप सूरी, आचार्य अरविंद शुक्ला, बंटू सागर, प्रेमपाल गंगवार, सुरेंद्र गंगवार, ओमिंदर गंगवार, निर्भय गंगवार, प्रितपाल कनौजिया, राजकुमार कनौजिया, शशि कपूर, आशीष धनगर, अरविंद पाल, राम सरन पाल और उमेंद्र बघेल समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मंदिर की भूमि को अतिक्रमण और कथित अवैध क्रय-विक्रय से मुक्त कराने तथा महेश धाम के भव्य विकास का संकल्प लिया।






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