The Voice of Bareilly since 2010

सरस्वती शिशु मंदिर में स्वर्णप्राशन संस्कार एवं अभिभावक सम्मेलन

Bareillylive : सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल मार्ग में स्वर्णप्राशन संस्कार एवं अभिभावक सम्मेलन का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों, आचार्य- आचार्याओं और अभिभावकों ने सक्रिय सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता एवं प्रदेश प्रभारी शिशु वाटिका रामकिशोर श्रीवास्तव, विद्यालय प्रबंधक दिनेश मलिक, जिला समन्वयक सुनील कुमार सिंह पुंडीर तथा प्रधानाचार्य संजीव कुमार पाण्डेय ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पार्चन कर किया। प्रधानाचार्य ने अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।

मुख्य वक्ता रामकिशोर श्रीवास्तव ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बालक के व्यक्तित्व निर्माण में विद्यालय के साथ-साथ परिवार की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनमें संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, सेवा भावना और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना भी आवश्यक है। माता-पिता बच्चों के प्रथम शिक्षक होते हैं, इसलिए उनका आचरण बालकों के जीवन पर सबसे अधिक प्रभाव डालता है।

स्वर्णप्राशन संस्कार के अवसर पर बच्चों के स्वास्थ्य और प्रतिरोधक क्षमता से संबंधित विषयों पर भी जानकारी दी गई। अभिभावकों से बच्चों के खान-पान, दिनचर्या, स्वच्छता, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों के स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए परिवार तथा विद्यालय के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है।


जिला समन्वयक सुनील कुमार सिंह पुंडीर ने कहा कि शिशु घर का दीपक और जगत का दिवाकर होता है। परिवार के वातावरण का उस पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए घर का वातावरण धार्मिक, आध्यात्मिक और संस्कारयुक्त होना चाहिए। विद्यालय प्रबंधक दिनेश मलिक ने कहा कि पुष्य नक्षत्र में स्वर्णप्राशन संस्कार बच्चों की मेधा शक्ति के विकास में सहायक माना जाता है और ऐसे आयोजनों से अभिभावकों में स्वास्थ्य तथा संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ती है।

प्रधानाचार्य संजीव कुमार पाण्डेय ने विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों, विद्यार्थियों के अनुशासन, परीक्षा परिणाम और आगामी शैक्षिक योजनाओं की जानकारी दी। अभिभावकों ने विद्यालय की गतिविधियों को लेकर अपने सुझाव साझा किए। इसके बाद उन्होंने अर्धवार्षिक परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन किया।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ आचार्य रामकिशोर श्रीवास्तव ने किया। विद्यालय परिवार ने अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!