जलवायु परिवर्तनः यूएन में अपने भाषण से चर्चा में आईं ग्रेटा थनबर्ग को वैकल्पिक नोबेल पुरस्कार

स्टॉकहोम। स्वीडन की जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को वैकल्पिक नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। ग्रेटा थनबर्ग के अलावा तीन अन्य को भी यह पुरस्कार दिया गया है। थुनबर्ग ने ब्राजील के स्वदेशी नेता, यनोमामी लोगों की डेवी कोपेनावा, चीनी महिलाओं के अधिकार वकील गुओ जियानमी और पश्चिमी सहारा मानवाधिकार रक्षक अमिनातौ हैदर के साथ यह पुरस्कार साझा किया है। 

इस पुरस्कार को राइट लाइवलीहुड अवार्ड के नाम से भी जाना जाता है। ग्रेटा थनबर्ग को यह पुरस्कार तत्काल जलवायु कार्रवाई के लिए राजनीतिक मांगों तथा वैज्ञानिक तथ्यों के लिए प्रेरक और प्रवर्धित करने के लिए दिया गया है। राइट लाइवीहुड फाउंडेशन ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी है।

16 साल की ग्रेटा थनबर्ग ने सोमवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में शिखर सम्मेलन के दौरान जलवायु परिवर्तन पर दिए अपने भाषण में दुनियाभर के नेताओं की उऩके अपर्याप्त पुरस्कारों के लिए निंदा की थी।

ग्रेटा थनबर्ग ने संयुक्त राष्ट्र की उच्चस्तरीय क्लाइमेट ऐक्शन समिट के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुतारेस सहित दुनिया के बड़े नेताओं के समक्ष जब बोलना शुरू किया तो उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह बच्ची अपने सवालों से सबको अनुत्तरित कर देगी। ग्रेटा ने दुनियाभर के बच्चों और आज की युवा पीढ़ी की आवाज को सामने रखते हुए कहा कि युवाओं को समझ में आ रहा है कि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर आपने हमें छला है और अगर आपने कुछ नहीं किया तो युवा पीढ़ी आपको माफ नहीं करेगी।

 
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