मथुरा: महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गोवर्धन की सप्तकोशीय परिक्रमा की! गोल्फ कार्ट से उतरकर उन्होंने पैदल परिक्रमा कर अपनी श्रद्धा और सादगी का परिचय दिया।
देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज उत्तर प्रदेश के मथुरा में गोवर्धन धाम पहुंचकर गिरिराज महाराज की पूजा-अर्चना की और ऐतिहासिक गोवर्धन परिक्रमा पूरी की। यह घटना भारतीय इतिहास में पहली बार किसी वर्तमान राष्ट्रपति द्वारा गोवर्धन की पवित्र परिक्रमा करने का अवसर है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने दानघाटी मंदिर में पहुंचकर गिरिराज जी का पंचामृत से महाभिषेक किया, विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुईं। इसके बाद उन्होंने नंगे पैर परिक्रमा शुरू की। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने करीब 200 मीटर से अधिक दूरी नंगे पैर पैदल तय की, जो उनकी गहरी आस्था और सादगी का प्रतीक रही। शेष परिक्रमा (जो कुल 21 किलोमीटर या सप्तकोसीय है) वे गोल्फ कार्ट से पूरी कीं।
इस दौरान भक्तों ने “राधे-राधे” और “गिरिराज धारण की जय” के उद्घोष से वातावरण को भक्ति से भर दिया। राष्ट्रपति ने परिक्रमा के दौरान एक पौधा भी रोपा, जो अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने मांसी गंगा तालाब पर भी प्रार्थना की।
यह तीन दिवसीय धार्मिक यात्रा का हिस्सा था, जिसमें उन्होंने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से भी मुलाकात की। राष्ट्रपति की इस आध्यात्मिक यात्रा ने ब्रज क्षेत्र में भक्ति और राष्ट्रप्रेम का अनूठा संगम दिखाया।










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